इस बार दीपावली 27 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इसलिए दीपावली मनाने के लिए घर आने और जाने वालों ने अभी से प्रमुख ट्रेनों में आरक्षण कराना शुरू कर दिया है। पुणे और बेंगलूरू से आने वाली ट्रेनों में तो अभी से वेटिंग शुरू हो गई है। मंगलवार को 27 नवंबर तक की ट्रेनों में आरक्षण शुरू हो गया। चार महीने बाद तक लोग ट्रेनों में आरक्षण करा सकते हैं। इससे पहले तीन महीने बाद तक ही आरक्षण हो सकता था।
पुणे, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद या बंगलूरू में नौकरी या शिक्षा ग्रहण करने वाले आपके पुत्र या पुत्री को अगर दीपावली पर घर आना है तो ट्रेनों में रिजर्वेशन अभी से करवा लें, अन्यथा आरक्षण मिल पाना मुमकिन नहीं होगा। दरअसल, दूसरे शहरों में नौकरी, शिक्षा ग्रहण या दूसरे काम करने वाले हजारों लोग यह त्योहार मनाने के लिए अपने घर आना चाहेंगे, लेकिन उन्हें ट्रेन में आरक्षण मिलने की कोई गारंटी नहीं है। दीपावली के आसपास की तिथियों में अभी से मारामारी शुरू हो गई है।
27 अक्तूबर से चार दिन पहले और चार दिन बाद तक आरक्षण की अधिक मांग है। खासकर पुणे, बंगलूरू और मुंबई से आने वाली झेलम एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, राजधानी एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस समेत 24 ट्रेनों में गिनी-चुनी सीटें ही बची हैं। इसी तरह झांसी से बिहार की तरफ जाने वाली ग्वालियर बरौनी मेल, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस में भी सीटें लगातार बुक होती जा रही हैं।
तत्काल के टिकट में रहती है मारामारी
रेलवे ने अंतिम तिथियों में आरक्षण लेने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग की व्यवस्था कर रखी है। इसमें प्रारंभिक स्टेशन से ट्रेन चलने के ठीक एक दिन पहले तत्काल में टिकट लिया जा सकता है। मगर, तत्काल का टिकट पाना आसान नहीं होता है। सीटों की संख्या अधिक होने के बाद भी वह एक मिनट में भर जाती हैं।