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याद किए स्कूल के दिन, दोस्तों को खिल उठे पुरातन छात्र

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झांसी। शिक्षकों की डांट और फेल होने का डर। क्लास वाली बदमाशियां और दोस्तों के साथ की गई मस्ती, कुछ ऐसी यादों में शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज के पुरातन छात्र खो गए। सालों बाद अपने स्कूल में पुरातन छात्र पहुंचे तो अपने बचपन वाली स्कूल की इमारत और कक्षाओं को खोजते नजर आए। पुराने दोस्त दिखे, तो खुशी से खिल उठे और घंटो गप्पें लड़ाकर पुराने दिन याद किए। इस दौरान पुरातन छात्र अपने बैच के साथियों के साथ फिर से बचपन में लौटे।
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राजकीय इंटर कॉलेज के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पुरातन छात्रों द्वारा शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर आयोजन अध्यक्ष डॉ. अशोक सक्सेना ने कहा कि पुरातन मित्रों को देखकर अभिभूत हूं। मुख्य अतिथि और मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. आरसी अरोरा ने कहा विद्यालय में नए युग की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर सचिव प्रदीप श्रीवास्तव ने प्राक्तन छात्र संगठन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अतिथियों द्वारा स्मारिका का विमोचन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। वहीं 1971 तक के छात्रों को गोल्डन एल्यूमिनाई सम्मान से नवाजा गया।
इस मौके पर रामनारायन अग्रवाल, पीके अग्रवाल, आरके श्रीवास्तव, पीके श्रीवास्तव, सीए जेपी अग्रवाल, वेद प्रकाश अग्रवाल, अरविंद दुबे, ज्ञान निगम, संदीप द्विवेदी, प्रतीक अग्रवाल, सतीश लिखधारी, सुनील सोनी, मुकेश गुप्ता, आशीष दुबे, राहुल रिछारिया, अनुराधा शर्मा, पीडब्लूडी इं. जेपी तिवारी, एसपी सिंह, विजय अग्रवाल, जितेंद्र गुप्ता राकेश पाठक, प्रदीप सरावगी, अभय गुप्ता, मिथिलेश मिश्रा मौजूद रहे। संचालन मानस मधुर और आभार जयंतमणि, विवेक अग्रवाल ने व्यक्त किया।
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जब पेड़ से इमली तोड़कर खाई तो बहुत डांट पड़ी थी आज भी हमारे शिक्षक मिलते हैं तो उनकी डांट याद आती है। - हरीश यादव
हमारे बैच के पूरे 30 बच्चे प्रथम श्रेणी से पास हुए थे। लेकिन हम सब बदमाश भी बहुत थे कई शिक्षक हमसे परेशान थे। - पवन अय्यर
स्कूल में आते ही रोमांचित हो उठे हैं, वही बचपन वाली फील आ रही है। हमारी मस्ती, टीचर की डांट सब याद आ रहा। - एके वर्मा
मैं अपने बैच में जिला टॉपर था आज 41 साल बाद सभी से मिलकर भावुक हो गया हूं, हमारे वो दिन याद आ गए हैं। - संजीव अवस्थी
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