बलिया जा रही सुपरफास्ट ट्रेन के एससी कोच में वेंटीलेशन के रास्ते चूहे अंदर घुस आए। इस कोच में तीन महिलाएं भी वाराणसी जाने के लिए सीट नंबर 33 एवं 37 पर सफर कर रही थीं। बर्थ पर एक साथ तीन-चार चूहे देखकर महिलाएं चीख उठीं। कोच में भी हड़कंप मच गया। महिलाओं ने तुरंत रेल सेवा को टैग करके ट्विटर पर मदद की गुहार लगाई।
रेल सेवा ने झांसी डीआरएम को निर्देश दिए। एसी कोच के भीतर चूहे होने की सूचना जैसे ही रेल अफसरों तक पहुंची उनके बीच हड़कंप मच गया। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक ट्रेन के ललितपुर स्टेशन पहुंचने पर हाउस कीपिंग की मदद से चूहे बाहर निकाले गए। निर्धारित ठहराव के बाद गाड़ी आगे रवाना हो गई।
लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद चूहों से निजात नहीं
रेल महकमा हर साल चूहों की धरपकड़ के लिए लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन, इसके बावजूद रेल स्टेशन परिसर चूहों से मुक्त नहीं हो सका। चूहे स्टेशन पर मौजूद पार्सल समेत अन्य रेल वस्तुओं को कुतरकर रेलवे का हर साल लाखों रुपये की चपत लगाते हैं। स्टेशन परिसर के भीतर भी बड़ी संख्या में चूहों के बिल भी बने हुए हैं। अक्सर यह चूहे प्लेटफॉर्म संख्या चार-पांच के इर्द-गिर्द धमाचौकड़ी मचाते ही दिखाई पड़ते हैं लेकिन, इतने नुकसान के बावजूद रेल महकमा इनके ऊपर कोई प्रभावी कदम नहीं उठा सका है।