फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

- राष्ट्र धर्म सभी का मूल धर्म होना चाहिए: योगी आदित्यनाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रधर्म ही हमारा मूल धर्म, इससे ही वर्तमान व भविष्य सुरक्षित रहेगा: योगी
विज्ञापन

झांसी। बुधवार को झांसी आए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रधर्म ही हमारा मूल धर्म है। इस धर्म का पालन करके ही देश का वर्तमान व भविष्य सुरक्षित रहेगा। झांसी की रानी भारतीयों के मन में समर्पण का भाव पैदा करती हैं। रानी के जन्म दिवस को अमृत महोत्सव से जोड़कर भव्य आयोजन करने का प्रयास किया है। यह बात उन्होंने रानी की जयंती पर सेना द्वारा आयोजित राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व के शुभारंभ के मौके पर कही।
किले की तलहटी में स्थित मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में ‘भारत माता की जय’ के जयघोष के साथ शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश भर में झांसी की पहचान वीर और वीरांगनाओं की धरती के रूप में होती है। झांसी की रानी के 193वें जन्मदिवस को देश की आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़कर भव्य आयोजन करने का प्रयास किया गया है। रक्षा मंत्रालय और राज्य शासन ने इस कार्यक्रम को आमजन से जोड़ा है। इसका उद्देश्य हर व्यक्ति में समर्पण का भाव पैदा करना है। इस आयोजन का झांसी में होना बेहद सम्मानीय है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए 1857 में चलाया गया गया अभियान आज भी इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी..’ कविता की पंक्तियां सुनाते हुए योगी ने कहा कि ऐसा कौन भारतीय है कि जो इन पंक्तियों को कभी भूल सकता हो। रानी लक्ष्मीबाई का अमृत वाक्य ‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी’ आज भी मातृभूमि के लिए समर्पण का भाव पैदा करता है। उन्होंने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाले राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व के जरिये जानने का मौका मिलेगा कि सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा के लिए क्या-क्या करती हैं।
विज्ञापन

इससे पूर्व केंद्रीय एमएसएमई राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि योगी के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हुआ है। कानून व्यवस्था की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है। इस दौरान मंच पर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ व महापौर रवि शर्मा भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

बदल रही है बुंदेलखंड की पहचान
झांसी। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर के दो नोड बुंदेलखंड के झांसी और चित्रकूट को दिए गए हैं। किसी जमाने में बुंदेलखंड की पहचान सूखा और पलायन के लिए होती थी। लेकिन, अब एक्सप्रेस-वे पहचान बन रहे हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस - वे भविष्य में जीवन रेखा से जोड़ने का काम करेगा। सिंचाई परियोजनाओं में तेजी आई है, ललितपुर में मेडिकल कॉलेज बन रहा है। 2022 में बुंदेलखंड के गांवों के घर-घर नल से जल पहुंचेगा। केंद्र व प्रदेश सरकार इस काम में जुटी हुई है। साढ़े दस हजार करोड़ से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें