झांसी। गरीबी में पली झांसी के पारीछा की रहने वाली शैली ने अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने मजबूत इरादों से आसमान में सुरखा कर दिया। महज पांच साल की मेहनत से शैली ने इतना लंबा सफर तय कर झांसी और देश का नाम रोशन किया। शैली की इस सफलता से खेल से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है।
शैली ने बचपन से ही अभाव में जीवन जिया। मगर वो शुरूआत से ही बेहद प्रतिभावान खिलाड़ी रही। 2016 में उसने ध्यानचंद स्टेडियम में पहली बार कदम रखा। वहां छोटी सी उम्र में शानदार प्रदर्शन कर सभी को हैरत में डाल दिया। जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव अर्जुन सिंह ने बताया कि शैली शुरू से ही बहुत टैलेंटेड रही है। वर्ल्ड चैंपियन अंजू बॉबी जार्ज की बंगलूरू स्थित अकादमी में ट्रेनिंग कराने के लिए ले गए। वहां अंजू के पति बॉबी जार्ज ने ट्रायल के दौरान ही भांप लिया कि उनके अकादमी में बेहद प्रतिभावान खिलाड़ी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि 2018 में शैली का इंटर डिस्ट्रिक से सीधे नेशनल में चयन हो गया। 2020 में वो विशाखापटनम में हुई इंटर डिस्ट्रिक नेशनल चैंपियनशिप की विजेता बन गई। फिर वहीं पर जूनियर वर्ल्ड के लिए क्वालिफाई कर लिया। मगर कोरोना संक्रमण के चलते टीम खेलने नहीं जा पाई। कुछ समय पहले पटियाला में नेशनल ट्रायल और प्रतियोगिता हुई। वहां पर शैली ने 6.48 मीटर की रिकॉर्ड छलांग लगाकर क्वालिफाई कर लिया। अर्जुन सिंह ने बताया कि इससे पहले अंडर-20 गर्ल्स में शैली की कोच अंजू ने 6.45 मीटर छलांग लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। उसे शैली ने तोड़ दिया। फिर वो अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर गईं। शुक्रवार को अंजू ने नैरोबी में हुई इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। अर्जुन के मुताबिक उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रतिभावान खिलाड़ी शैली आगामी ओलंपिक में भी भारत को पदक दिलाएगी।