संवाद न्यूज एजेंसी
गरौठा /टोड़ी फतेहपुर /ककरबई /लुहारी /खिलारा /भंडरा /भदरवारा खुर्द। जनपद में पिछले दो से तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम रही। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी और कटी पड़ी खरीफ की फसलें जलमग्न होकर सड़ने लगी हैं।
खिलारा, गरौठा, लुहारी, सकरार और ककरबई सहित कई क्षेत्रों में दलहनी और तिलहनी फसलें जैसे उड़द, मूंग, तिल, मूंगफली, अरहर और सोयाबीन पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने बताया कि पहले हुई बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ था, अब दोबारा जलभराव से बची-खुची फसलें भी नष्ट हो गईं। गरौठा में मूंगफली में 60 से 70 फीसदी नुकसान हुआ है। भंडरा के फकरुद्दीन मंसूरी ने बताया कि उनके खेत में एक माह से पानी भरा होने से मूंग और मूंगफली की फसल खराब हो गई। लुहारी में बागवानी करने वाले शंकर लाल ने बताया कि फलदार पेड़ों की टहनियां टूट गईं और आंवला, सीताफल, नींबू, करौंदा, पपीता जैसे फल जमीन पर गिर गए। सकरार के किसान रणवीर सिंह तोमर की खेत में सुखाने के लिए छोड़ी उड़द भीग गई।
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नाला उफनाया, चार घंटे बाधित रहा मार्ग
लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गरौठा और मारकुआं में भगाई नाला उफनाने से गुढ़ा- शहपुरा संपर्क मार्ग चार घंटे तक बंद रहा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। टोड़ी फतेहपुर में कई लोगों के घरों में पानी भर गया, जिससे गृहस्थी का सामान भीग गया। भंडरा में रोज कमाने वाले मजदूरों, रेहड़ी पटरी दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं पर सबसे अधिक असर पड़ा है।
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बिजली और मोबाइल नेटवर्क ठप
बारिश और तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जिससे बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। टोड़ी फतेहपुर में करीब 24 घंटे बाद बिजली बहाल हो सकी, जबकि भदरवारा खुर्द में दो दिन से बिजली गुल है। बिजली न होने से घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई और मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गए। एयरटेल नेटवर्क भी प्रभावित रहा, जिससे लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए सौर ऊर्जा प्लांट वाले स्थानों पर जाना पड़ा। सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। किसानों ने शासन प्रशासन से बर्बाद हुई फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और फसली बीमा के साथ मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। किसान प्रहलाद राजपूत ने बीमा कंपनी के खिलाफ अनशन की चेतावनी भी दी है।