फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे अपने फायदे के लिए चला रहा त्योहार स्पेशल ट्रेन

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कोरोना महामारी के बीच रेलवे यात्रियों को अभी तक अधिक किराया भरना पड़ रहा है। त्योहार स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वालों से किलोमीटर रेस्ट्रिक्शन चार्ज (निर्धारित दूरी) का चार्ज वसूला जा रहा है। इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों से पांच सौ किलोमीटर तक का किराया अनिवार्य रूप से लिया जा रहा है। जबकि, स्पेशल ट्रेनों में पूर्व से ही सुपरफास्ट का अतिरिक्त चार्ज लिया जा रहा है। ऐसा कर रेलवे अपने फायदे में लगा है।
विज्ञापन

कोरोना महामारी के चलते 20 मार्च 2020 से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया है। हालांकि वर्तमान में नब्बे फीसदी ट्रेनें दोबारा पटरी पर दौड़ने लगीं हैं। मगर अभी तक सभी ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है। इन ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। रेलवे शुरू से ही स्पेशल ट्रेनों में सुपरफास्ट के नाम अतिरिक्त किराया वसूल रहा है। रेस्ट्रिक्शन चार्ज के नाम पर वसूली लगातार जा रही है। इसमें यात्री किसी भी रेलवे स्टेशन पर उतरे। कम से कम 500 किलोमीटर का किराया देना पड़ता है। त्योहार स्पेशल ट्रेनों में अभी यह अतिरिक्त किराया लिया जा रहा है। जैसे कि 02107/02108 लखनऊ लोकमान्य तिलक त्योहार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन बनाकर चलाया जा रहा है। इस ट्रेन में अगर आप झांसी से उरई, कानपुर या लखनऊ के लिए स्लीपर क्लास में सफर कर रहे हैं तो आपको पांच सौ किलोमीटर के हिसाब से 385 रुपये किराया देना होगा। जबकि झांसी से उरई की 102, कानपुर की 220 व लखनऊ की दूरी 293 किलोमीटर है।
झांसी से अभी 95 ट्रेनें अप और डाउन की गुजर रहीं हैं, जिनमें 25 त्योहार स्पेशल गाड़ियां हैं। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड स्तर पर किराए का निर्धारण होता है। त्योहार स्पेशल ट्रेनों में ही यह अतिरिक्त किराया लग रहा है। जबकि स्पेशल ट्रेनों में सुपरफास्ट का चार्ज लिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें