वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
झांसी। झांसी रेल मंडल में तबादले का एक अजीबो गरीब खेल सामने आया है। मंडल में तैनात वरिष्ठ अनुभाग अभियंता विद्युत (एसएसई) सचेंद्र कुमार का जुलाई महीने में पांच बार तबादला हुआ। यहां तक कि नई जगह ज्वाइन करने के कुछ घंटे बाद दूसरी जगह भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। एक सप्ताह में उनके ऐसे तीन तबादले किए गए। परेशान होकर उन्होंने आला अफसरों से गुहार लगाई। वहीं, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद मंडल के रेल अफसरों ने इससे पल्ला झाड़ लिया। डीआरएम ने छानबीन कराने की बात कही है।
वरिष्ठ अनुभाग अभियंता सचेंद्र कुमार के मुताबिक डिप्टी सीईई वर्कशाप से 6 जुलाई को उनका तबादला सीनियर डीईई (जनरल) के यहां किया गया था। 9 जुलाई को उनको डिप्टी सीईई वर्कशॉप भेज दिया गया। यहां ज्वाइन करने के कुछ घंटे बाद 13 जुलाई को सीनियर डीईई (जनरल) के यहां तबादले का आदेश जारी हो गया। यहां पहुंचने के दो दिन बाद 15 जुलाई को फिर से डिप्टी सीईई वर्कशॉप उनको भेज दिया गया। यहां पहुंचे पर 25 जुलाई को सीनियर डीईई (जनरल) के यहां ज्वाइन करने का आदेश कर दिया गया। एक महीने में पांच अलग-अलग तबादलों ने सचेंद्र को मानसिक तौर से परेशान कर दिया। उनका कहना है जल्दी-जल्दी तबादले की वजह भी उनको नहीं बताई गई। मुख्यालय और मंडल के आला अफसरों से भी उन्होंने गुहार लगाई लेकिन,राहत नहीं निकली। उनका जुलाई माह का वेतन भी रोक दिया गया। उनका कहना है पूर्व में प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में भी वाद दायर कर रखा है।
इस मामले में डीआरएम अनिरुद्ध कुमार का कहना है कि वरिष्ठ अनुभाग अभियंता के बार-बार स्थानांतरण का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। यदि ऐसा हुआ है तो पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।