झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर सेना की ओर से आयोजित राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व में हिस्सा लेने शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तीनों सेनाओं की ताकत बढ़ाने का काम किया। भारतीय वायुसेना को उन्होंने स्वदेश निर्मित लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर सौंपे, जबकि नौसेना को इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट दिए। थल सेना को स्वदेश निर्मित दो ड्रोन सौंपे गए। स्वदेश निर्मित ये सभी उपकरण सेना को सौंपकर पीएम ने भारत के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर वायुसेना प्रमुख को सौंपे। 40 हेलीकॉप्टर सेना को दिए गए। ये दो इंजन वाला 5-8 टन वजन वर्ग का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। ये शत्रु सेना का विनाश करने में कारगर साबित होगा। इसके अलावा खोज एवं बचाव, काउंटर सरफेस फोर्स ऑपरेशन आदि जैसी भूमिकाओं को भी पूरा करने के हिसाब से इसे डिजाइन किया गया है। ये दुनिया का एकमात्र हमलावर हेलीकॉप्टर है, जो हथियारों और ईंधन के काफी भार के साथ 5000 मीटर (16,400 फुट) की ऊंचाई तक जा सकता है। यह हेलीकॉप्टर एयर टू ग्राउंड और एयर टू एयर मिसाइलों की क्षमता से लैस है। इससे वायु सेना की ताकत में इजाफा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और मेनेजिंग डायरेक्टर आर माधवन ने लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर का मॉडल प्रधानमंत्री को सौंपा। जिसे प्रधानमंत्री ने वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी को सौंपा।
इसके साथ ही डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी ने पीएम को इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट का मॉडल सौंपा। जिसे प्रधानमंत्री ने नौ सेना प्रमुख एडमिरल करमवीर सिंह को दिया। इसका उपयोग विक्रांत समेत अन्य उन्नत युद्धपोतों पर किया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर स्मिथ शाह ने दो ड्रोन के मॉडल प्रधानमंत्री को दिए। जिसे प्रधानमंत्री ने उप थलसेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सीपी मोहंती को दिया। पहला ड्रोन दुश्मन के इलाके में घुसकर खुफिया जानकारी देने और दूसरा ड्रोन दुश्मन के इलाके में सैनिकों का सहयोग करेगा।