झांसी। बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के लिए जिले में बिजली थाना बनाया गया है। जिसमें तीन साल में विजिलेंस टीम ने अब तक 6,416 बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कराए, लेकिन थाने में एक सब- इंस्पेक्टर होने के कारण अब तक सिर्फ 291 मामलों में ही चार्जशीट लगाई गई है। जिसकी वजह से बिजली चोरों पर कानून का शिकंजा नहीं कस पा रहा है, विवेचना में झोल हो रहा है।
जिले में 17 सितंबर 2019 को सीपरी बाजार स्थित खालसा विद्युत सब स्टेशन के पास विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना खोला गया था। जिसमें 22 सितंबर 2019 को थाने में बिजली चोरी का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। थाने में अब तक बिजली विभाग के अधिकारियों और प्रवर्तन दल द्वारा चेकिंग के बाद 6,416 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं।
बिजली विभाग को मिली सहूलियत
बिजली थाना खुलने के बाद बिजली विभाग को सहूलियत मिली है। पहले कहीं चेकिंग पर जाने के लिए पुलिस फोर्स के लिए पत्राचार करना पड़ता था। कई बार पुलिस की उपलब्धता नहीं होती थी। इस कारण चेकिंग नहीं हो पाती थी। पहले पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज की जाती थी। अब अलग थाना होने से यहां पर सिर्फ बिजली के मामले दर्ज होते हैं।
थाने में तैनात कर्मचारियों की सूची
सब इंस्पेक्टर - 01
हेडकांस्टेबल - 10 ( चार महिला, छह पुरुष)
कांस्टेबल - 01
कंप्यूटर ऑपरेटर - 02
इन मामलों पर दर्ज होते हैं मुकदमे
- घरेलू बिजली कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल
- बकाये पर बिजली कनेक्शन काटने के बाद भी लाइन जोड़ लेना
- एक कनेक्शन से दो घरों में लाइट का उपयोग करना
- बिना कनेक्शन घर में कटिया डालकर बिजली चोरी करना
- मीटर से पहले कट लगाकर बिजली चोरी करना
तीन साल में बिजली थाने में छह हजार से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें 650 मामलों में शमन शुल्क जमा करने पर निस्तारित कर दिया गया है। शेष की विवेचना चल रही है। जुर्माना नहीं जमा करने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाता है। - संजय कुमार, थानाध्यक्ष