अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गुरसराय के सराफा कारोबारी नरेश सोनी के बेटे राहुल की हत्या के साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर सकी, जबकि इस हाई प्रोफाइल मामले के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच के तेजतर्रार पुलिस अफसरों को लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि राहुल के मोबाइल में ही कई सारे अहम राज दफन हैं। इसके बावजूद पुलिस इसकी पड़ताल नहीं कर रही है।
मोदी चौराहा के पच्चीसा इलाका निवासी सराफा कारोबारी नरेश सोनी के छोटे बेटे राहुल सोनी (22) की आठ अक्तूबर 2021 को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। उसकी लाश गरौठा परेड ग्राउंड से बरामद हुई। राहुल गरौठा स्थित मोतीबाई राजाराम महाविद्यालय में बीएड का छात्र था। हत्यारों ने चाकुओं से गोदने के बाद बेरहमी से उसका गला भी रेत दिया था। हत्याकांड के खुलासे को तत्कालीन एसएसपी शिवहरि मीना ने अलग-अलग टीम बनाई।
राहुल के दोस्तों से पूछताछ में अहम सुराग मिले। विवेचना कर रहे पुलिस अफसरों ने बताया कि कई हैरान कर देने वाले राज भी उजागर हुए। मालूम चला कि राहुल की कई संदिग्ध लोगों से दोस्ती थी। उसके मोबाइल में हत्या का राज छुपा हुआ था। पुलिस ने मोबाइल भी खंगाले लेकिन, उसके बाद पुलिस ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली।
पिता नरेश सोनी खुलासे के लिए पुलिस अफसरों के चक्कर काटते रहे। उन्होंने एसएसपी से लेकर डीआईजी तक गुहार लगाई। इसके बावजूद मामले का खुलासा अब तक नहीं हो सका। डीआईजी केशव चौधरी का कहना है कि जिन मामलों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ, उसकी निगरानी की जा रही है। इनका खुलासा कराया जाएगा।