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ट्रेन में बंदूक मिलने के मामले में पुलिस खाली हाथ

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झांसी। दो ट्रेनों पटना- इंदौर और पुष्पक एक्सप्रेस लूटकांड का खुलासा करने में अभी तक नाकामयाब रही जीआरपी के लिए अब तेलंगाना एक्सप्रेस से बरामद पांच एसबीबीएल बंदूकें रखने वालों की तलाश अबूझ पहेली बन गई है। हालांकि बरामद शस्त्र लाइसेंस के आधार पर इसकी तस्दीक की जा रही है। इसके लिए जीआरपी हैदराबाद और राजौरी पुलिस से संपर्क कर रही है। जांच में हैदराबाद स्थित सिक्योरिटी एजेंसी का नंबर पुलिस ट्रेस कर रही है। राजौरी के लिए एक टीम रवाना की गई।
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जीआरपी ने बताया कि तेलंगाना एक्सप्रेस के जनरल के यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार दो बैग लेकर दो यात्री हैदराबाद से ही उसमें सवार हुए थे। बीच के किसी स्टेशन पर वे उतर गए। भोपाल से ट्रेन करीब दस बजे रवाना हुई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। रात लगभग सवा बजे ट्रेन झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म पर पहुंची। इसके पश्चात बैग को लेकर उन्हें कुछ शंका हुई तो प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे आरपीएफ के जवानों को उन्होंने सूचना दी। आरपीएफ की सूचना पर जीआरपी भी मौके पर पहुंच गई और बैग खोलकर देखा तो उनमें बंदूकें और कारतूस के साथ ही दो शस्त्र लाइसेंस और दो सिक्योरिटी एजेंसियों के तीन कार्ड भी मिले। जांच करने पर कार्ड पर लिखे नंबर पर कॉल करने पर वह बंद बता रहा था। संदेह होने पर जीआरपी ने हैदराबाद पुलिस से इसकी जांच के लिए संपर्क किया है। वहीं जम्मू के राजौरी डीएम से शस्त्र लाइसेंस की जानकारी के लिए पुलिस संपर्क कर रही है।
कहीं शस्त्र लाइसेंस फर्जी तो नहीं
तेलगंाना एक्सप्रेस के जनरल कोच से बरामद शस्त्र लाइसेंस के फर्जी होने की संभावना की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। इस मामले को इससे और बल मिल रहा है कि केरल के कोच्चि जिले के कलामास्सेरी इलाके में महाराष्ट्र के औरंगाबाद की सिक्योरिटी एजेंसी ने बैंक एटीएम सहित कई स्थानों पर सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त किए थे। जिनमें वहां की पुलिस ने दो सितंबर को पांच लोगों मोहम्मद जावेद, मुश्ताक हुसैन, गुलसमन, शकूर अहमद और शौकत अली को पकड़ा था जिनके पास या तो लाइसेंस नहीं थे या फिर फर्जी लाइसेंस वाली बंदूकें रखे हुए थे। संदेह होने पर केरल पुलिस ने जांच की तो छह सितंबर को 13 और लोग गिरफ्तार किए गए। उनके लाइसेंस भी फर्जी पाए गए थे। झांसी में भी बरामद शस्त्र लाइसेंस के फर्जी होने को इसलिए बल मिल रहा है कि अगर वह सही थे तो बैग छोड़कर भागे क्यूं।
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सिक्योरिटी एजेंसी के कार्ड पर लिख नंबर पर संपर्क नहीं होने पर इसकी जांच के लिए हैदराबाद पुलिस और शस्त्र लाइसेंस की जांच के लिए राजौरी जिले की डीएम से संपर्क किया गया है। राजौरी के लिए पुलिस की एक टीम भी रवाना कर दी गई है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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- मोहम्मद इमरान, एसपी रेलवे, झांसी
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