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30 हजार में दी भाई की सुपारी: शराब के लिए जमीन को लगा रहा था दांव पर, छोटे भाई ने रची हत्या की साजिश, तौलिए से घोंटा गला

Fri, 01 Jul 2022 09:28 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, झांसी 

सार

झांसी में उल्दन थाना के उल्दन गांव में जमीन की खातिर सगे छोटे भाई ने सुपारी देकर बड़े भाई की हत्या कराई थी। आरोपी ने तीस हजार रुपये में सुपारी दी थी। पुलिस ने आरोपी छोटे भाई समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना का खुलासा किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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झांसी में जमीन की खातिर सगे छोटे भाई ने तीस हजार रुपये की सुपारी देकर बड़े भाई की हत्या कराई थी। हत्या के करीब डेढ़ माह बाद पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। टहरौली सीओ विवेक सिंह के मुताबिक बड़ा भाई शराब पीने का आदी था। वह जमीन बेच देता था। घर की पूरी जमीन पर कब्जा रखने के लिए छोटे भाई ने सुपारी देकर उसकी हत्या करा दी थी।

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सीओ टहरौली ने बताया कि उल्दन थाना के उल्दन गांव में नारायण दास (35) उर्फ लपूके पुत्र सुम्मेर कुशवाहा की 17 मई शाम तौलिया से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। उसका शव घर से थोड़ी दूर पड़ा हुआ था। नारायण के छोटे भाई पुरुषोत्तम ने गांव के दीपेश उर्फ लकी व राजू आदिवासी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी।

मंगलवार को राजू गांव में पुरुषोत्तम के घर के पास दिखा। घटना से जुड़े सुराग जुटाने के बाद पुलिस ने राजू को पकड़ लिया। राजू की निशानदेही पर दीपेश भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में राजू ने पुलिस को बताया कि वह पुरुषोत्तम से हत्या के एवज में तीस हजार रुपए मांगने गया था। यह पैसा भी पुरुषोत्तम नहीं दे रहा था।
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पूछताछ में पुलिस को मालूम चला कि पुरुषोत्तम ने ही अपने भाई नारायण को मारने के एवज में दोनों को तीस हजार रुपये देने का वादा किया था। पुलिस ने पुरुषोत्तम को उठाकर उससे पूछताछ की तब पूरा मामला खुल गया। पुरुषोत्तम ने पुलिस को बताया कि उसका भाई शराब पीने का आदी था। इस वजह से वह काफी जमीन बेंच चुका था। कुछ दिन पहले भी उसने जमीन बेंच दी थी। यह सब देखकर पूरी जमीन पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए पुरुषोत्तम ने अपने बड़े भाई को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। गांव के ही दीपेश व राजू को तीस हजार रुपये देने का वादा करके इस काम के लिए राजी कर लिया। नारायण की हत्या के बाद पुरुषोत्तम ने बचने के लिए दोनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। सीओ के मुताबिक दीपेश, राजू, पुरुषोत्तम एवं छत्रपाल को  गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
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