झांसी। प्रेमनगर में दपंती की हत्या मामले में 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस ने पूछताछ के लिए परिवार को करीब से जानने वाले आधा दर्जन लोगों को उठाया भी लेकिन, कोई अहम सुराग हाथ नहीं आया। पुलिस अभी तक दपंती के आर्थिक लेन-देन का मामला भी पूरी तरह नहीं खंगाल सकी।
इस केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीला पदार्थ खिलाने की आशंका जताई गई। यह रिपोर्ट भी पुलिस को नहीं मिली। वहीं, शनिवार को पुलिस टीम ने मौके पर फिर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया। पुलिस ने घर के भीतर आने-जाने का रास्ता देखा। घर के भीतर छत से आने का रास्ता खुला हुआ था। संभावना जताई जा रही कि छत के रास्ते से आने के बाद हत्यारे सीधे कमरे के अंदर गए। वारदात को अंजाम देने के बाद वह समाने के दरवाजे की कुंडी खोलकर बाहर निकल गए। इसी वजह से भोर में दरवाजा खुला मिला। पुलिस को अभी यह मालूम नहीं चल सका है कि वारदात में कितने बदमाश शामिल थे।
पूछताछ में मालूम चला है कि बलवीर उर्फ चुन्ना ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था। डेयरी से दंपती की रोजाना की आय थी। बैंक के बजाए वह पैसा अपने पास रखता था लेकिन, घर में कोई भारी रकम नहीं मिली। ऐसे में यह पैसा किसके पास है, इसका पता लगाना पुलिस के लिए भारी चुनौती साबित हो रहा है। पड़ोसियों ने बताया कि चुन्ना एवं अंजू सीधे स्वभाव के थे। दोनों का न परिवार में झगड़ा था, न मोहल्ले में कोई विवाद। दोनों का ध्यान सिर्फ डेयरी चलाने पर रहता था। चुन्ना के बड़े भाई की करीब पंद्रह साल पहले हत्या हो चुकी है। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है। इंस्पेक्टर रणविजय सिंह के मुताबिक पुलिस सुराग तलाशने में लगी हुई है।