झांसी। पीएम स्वनिधि योजना के तहत नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा शहर के 14686 स्ट्रीट वेंडरों और पटरी दुकानदारों को दस हजार रुपये प्रति लाभार्थी लोन मुहैया कराया गया था। जिसमें से 2800 से अधिक लाभार्थियों ने समय से लोन चुकता करने के बाद दोबारा से बीस हजार रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया है। विभाग द्वारा आवेदनों की जांच की जा रही है। जांच के बाद बीस हजार रुपये का ऋण मुहैया कराया जाएगा।
कोरोना काल में बेपटरी हो चुके स्ट्रीट वेंडरों के साथ ही फेरी, पटरी सहित रोजमर्रा की आय वाले मजदूरों के रोजगार को दोबारा से स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा पीएम स्वनिधि योजना को शुरू किया गया था। योजना के संचालन की जिम्मेंदारी नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को सौंपी गई थी। योजना का लाभ लेने के लिए शहर के 15042 स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किया था। जिसमें से 14686 आवेदनों को स्वीकृत कर बैंकों के माध्यम से दस हजार रुपये ऋण मुहैया कराया गया है। पहला लोन समय से चुकता होने पर शहर के 2800 से अधिक लाभार्थियों द्वारा दोबारा से ऋण के लिए आवेदन किया है। नियमानुसार इनको अब बीस हजार रुपये का लोन दिया जाएगा।
इस संबंध में शहर मिशन प्रबंधक मोहम्मद हारिस ने बताया कि पीएम स्वनिधि का पहला ऋण अदा करने पर 2800 से अधिक ने दोबारा आवेदन किया है। जिनके आवेदनों की जांच की जा रही हैं। जांच के बाद स्वीकृति प्रदान करते ही बैंक द्वारा ऋण मुहैया कराया जाएगा।