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प्लीज अब ट्रेनों में लेडीज कोच भी लगा दीजिए...रेलमंत्री को ट्वीट कर गुहार लगा रहीं महिलाएं

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झांसी। रेल संचालन सामान्य होते ही अब ट्रेनों में महिला कोच की कमी खलने लगी है। दरअसल, ट्रेनों में महिला कोच अलग से न लगने के कारण जो महिलाएं अकेले या बच्चों के साथ सफर करती हैं, उनको बेहद परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ट्विटर पर भी लगातार शिकायतें की जा रही हैं। रेलमंत्री तक ट्वीट किए जा रहे हैं।
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रेलवे ने जनरल कोच की भीड़भाड़ से बचाने के लिए महिला और दिव्यांग मुसाफिरों की सुविधा के लिए अधिकांश ट्रेनों में अलग से डिब्बे की व्यवस्था कर रखी है। यह कोच इंजन या गार्ड डिब्बे के साथ जुड़े रहते हैं, लेकिन कोरोना काल में इस सुविधा को बंद कर दिया गया। ट्रेनों में सिर्फ आरक्षित कंफर्म टिकट पर ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। मगर अब धीरे- धीरे कुछ ट्रेनों में जनरल टिकट पर यात्रा करने की अनुमति मिलने लगी है, लेकिन महिला और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए अलग से कोच नहीं जोड़ा जा रहा है। इस समस्या को लेकर महिलाएं लगातार रेलमंत्री व डीआरएम को ट्वीट कर रहीं हैं। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के आदेश पर ही महिला व दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग से कोच जोड़ा जाएगा।
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महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखकर ट्रेनों में महिला कोच की व्यवस्था जल्दी होना चाहिए। मैं रेलमंत्री से भी इस समस्या को लेकर ट्वीट कर चुकी हूं।
मधु जैन।
रिजर्वेशन न मिलने पर अकेली महिलाओं को जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ती है। जनरल कोच में वह पुरुषों के साथ असहज महसूस करती है।
बबीता साहू।
ट्रेन में अलग कोच लगने पर महिलाओं को कम से कम बैठने का स्थान तो मिल जाता है। मैंने इस समस्या को लेकर डीआरएम को ट्वीट किया है।
शशि अग्रवाल।
ट्रेन संचालन जब सामान्य हो गया है तो यात्रियों की सुविधाओं को भी बहाल कर देना चाहिए।
पूजा।
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