झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में युग युगीन बुंदेलखंड में स्व जागरण विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री संजय मिश्र ने कहा कि देश को बहुत समय तक गुमराह रखा गया। लोगों ने अपने हिसाब से इतिहास लिखा है।
बोले कि शासकों को खुश करने के लिए उनका यशोगान लिखते रहे हैं। अब समय ये है कि पुराने ग्रंथों में जो बिना किसी दबाव के इतिहास लिख रहे थे, उनका अवलोकन किया जाए। फिर इतिहास को दोबारा लिखा जाए। कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कहा कि भारत का वास्तविक इतिहास आज भी बहुत कम लोगों को पता है। देश के इतिहास को सही तरीके से जानने के लिए अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के कानपुर प्रांत के कार्यवाहक प्रभारी अनिल ने बताया कि क्षेत्र में बहुत सी ऐसी जगहें हैं, जिनका अवलोकन करना और उनको फिर से व्याख्या करना जरूरी है। इस दौरान डॉ. प्रीति निगम, डॉ. शैलेंद्र तिवारी, डॉ. मुन्ना तिवारी मौजूद रहे।