झांसी। पंचकुइयां तिराहे पर पेयजल आपूर्ति की मेन राइजिंग पाइप लाइन की मरम्मत का काम शुक्रवार को पूरा नहीं हो सका। इस वजह से पुराने शहर के दस हजार घरों तक दूसरे दिन भी पानी नहीं पहुंचा। इन इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हो गए। कुछ इलाकों में टैंकर भेजे गए लेकिन, यह व्यवस्था भी नाकाफी साबित हुई।
बुधवार शाम को खंडेराव गेट के पास किले के बाहरी हिस्से की बनी दीवार की चपेट में आने से 18 इंची मेन राइजिंग लाइन करीब 20 फुट तक क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे पुराने शहर के रानी महल के आसपास का पूरा इलाका, गोला कुआं, पन्नालाल, पुरानी नझाई, लक्ष्मणगंज, नरसिंह राव टोरिया, पंचकुइयां, पानी वाली धर्मशाला, सुभाषगंज, गुदरी, सराय, बड़ा बाजार के आसपास समेत करीब 10 हजार से अधिक घरों तक पानी नहीं पहुंचा। करीब चालीस हजार की आबादी पानी न मिलने से परेशान रही। पाइप लाइन की मरम्मत का काम बृहस्पतिवार से ही जल संस्थान कर्मियों ने शुरू करा दिया था लेकिन, शुक्रवार दोपहर तक यह काम पूरा नहीं हो सका। इसके चलते शुक्रवार को भी जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इन इलाकों में 48 घंटे तक पानी न पहुंचने से हाहाकार मच गया। पीने के पानी के लिए भी लोगों को भटकना पड़ा। शिकायत के बाद शुक्रवार दोपहर जल संस्थान की ओर से कुछ इलाकों में टैंकर भेजे गए लेकिन, इनसे भी राहत नहीं मिली।
पानी की व्यवस्था के लिए बहाना पड़ा पसीना
दो दिन से पानी न आने से परेशान लोगों को इसकी व्यवस्था के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा। जिनकी रिश्तेदार दूसरे मोहल्ले में थे, वह घरों में ताला बंद करके अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए जबकि तमाम लोग मोटर साइकिल से पानी ढोते हुए दिखाई पड़े।
शाम तक बहाल नहीं हो सकी जलापूर्ति
जल संस्थान अफसर शुक्रवार शाम तक जलापूर्ति बहाल हो जाने का दावा करते रहे लेकिन, देर-शाम तक जलापूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। पानी न आने से परेशान बड़ी संख्या में लोग जल संस्थान दफ्तर पहुंचे। यहां शाम तक जलापूर्ति व्यवस्था बहाल होने जाने का भरोसा दिलाकर उनको वापस लौटा दिया गया लेकिन, इस पूरे इलाके में शाम तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
मरम्मत का काम पूरा हो गया है। जलापूर्ति की व्यवस्था जल्द ही सुनिश्चित कराई जा रही है।
कुलदीप कुमार, महाप्रबंधक, जलसंस्थान