मोंठ। गर्मी का असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी दिखने लगा है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे बीमार पड़ने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में रोजाना 200 से 250 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गर्मी के चलते लोगों को डिहाइड्रेशन, सिर दर्द, बुखार, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी रोगों की समस्याएं ज्यादा हो रही हैं। इनमें बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है।
चिकित्सकों का कहना है कि कई मरीज तेज बुखार और थकान की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जो हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। वहीं, छोटे बच्चों में दस्त और उल्टी की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे उनके शरीर में पानी की कमी हो रही है।
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. माताप्रसाद राजपूत ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए ओआरएस घोल, इलेक्ट्रोलाइट्स, बुखार और उल्टी की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं।
बचाव के लिए यह करें -
गर्मी से बचने के लिए अधिक से अधिक पानी पिएं, धूप में जाने से बचें और हल्का व सुपाच्य भोजन करें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वह हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
चिकित्सा विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे लोग समय रहते स्वास्थ्य केंद्र पहुँच सकें और गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। स्वास्थ्य केंद्र की टीम पूरी मुस्तैदी से मरीजों की देखभाल में जुटी हुई है और हर रोज बढ़ती भीड़ के बावजूद इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जा रही।गर्मी की मार झेल रहे ग्रामीणों के लिए मोंठ स्वास्थ्य केंद्र एक राहत बनकर सामने आया है, जहाँ उन्हें निःशुल्क व बेहतर इलाज मिल रहा है।