महानगर की गंदी पड़ी सरकारी इमारतों की दीवारों को सुंदर बनाने के लिए गाजियाबाद और सहारनपुर की तर्ज पर उन पर पेंटिंग कराई जा रही है। यह चित्रकारी नगर निगम करा रहा है। चित्र आकर्षक नजर आएं, इसके लिए अच्छे रंगों का उपयोग किया जा रहा है। इस पर एक लाख रुपये खर्च आएगा।
स्वच्छता सर्वे हो रहा है। सर्वे में ज्यादा से ज्यादा नंबर मिलें, इसलिए नगर निगम ने गंदी दीवारों पर चित्रकारी कराने का निर्णय लिया है, ताकि गंदी दीवारें भी आकर्षक दिखें। इन दीवारों में कलेक्ट्रेट, पुलिस लाइन, थाना नबाबाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की बाउंड्रीवाल, जिलाधिकारी आवास, ग्वालियर रोड पर आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, नगर निगम व बुंदेलखंड कालेज की बाउंड्रीवाल पर सुंदर चित्रकारी की जा रही है। इसमें कहीं पर फूल पत्तियां बनाई जा रही हैं तो कहीं पर बुंदेलखंड की लोक कला से संबंधित वाद्य यंत्र, गांव के पनघट की चित्रकारी, गांव में तालाब का किनारा, इधर- उधर नहीं थूकने और कचरा नहीं फेंकने का संदेश देते चित्र बनाए जा रहे हैं।
मुख्य अभियंता लक्ष्मी नारायण सिंह ने बताया कि पूर्व में इस तरह की चित्रकारी गाजियाबाद और सहारनपुर में की गई थी, जिसे वहां के नागरिकों ने खूब सराहा था तथा लोगों की सोच में बदलाव आया था। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां पर भी चित्रकारी कराई जा रही है। सभी प्रमुख जगहों पर पेंटिंग हो जाने से शहर में स्वच्छता के प्रति अलग तरह का भाव आएगा और इधर- उधर कचरा फेंकने वालों की आदतों में सुधार आने की उम्मीद है।