झांसी। जिला अस्पताल में मरीजों को फिजीशियन को दिखाने के लिए डेढ़-डेढ़ घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। यही नहीं, जब उनका नंबर आता है तो सिर्फ डेढ़ मिनट में मिल पाता है। अब इतने समय में न तो मरीज सही से हाल बता पाएगा और न ही कोई चेकअप हो सकेगा। ब्लडप्रेशर चेक करने में ही आधा मिनट का समय लग जाता है। लेकिन बाहर खड़ी मरीजों की भीड़ को देखकर जल्दबाजी में दवा लिखकर मरीज को चलता कर दिया जाता है।
मौजूदा समय में यहां चार फिजीशियन हैं। यहां पर तैनात ईएमओ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैं। ऐसे में दो फिजीशियन को इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की भी ड्यूटी करनी पड़ती है। कभी दोपहर तो कभी रात में ड्यूटी लग जाती है। इस कारण ओपीडी भी प्रभावित हो जाती है। वहीं, फिजीशियन के पास रोजाना 175 से 200 मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचते हैं। चूंकि, ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक होता है। पहले चिकित्सक वार्ड का राउंड लेकर भर्ती मरीजों को देखते हैं। इनमें लगभग एक घंटा लग जाता है। बचे हुए पांच घंटे में ओपीडी के मरीजों को चिकित्सीय परामर्श देते हैं। ऐसे में एक मरीज को चिकित्सक को दिखाने के लिए महज डेढ़ मिनट ही होता है। लाइन में भी धक्का-मुक्की होती रहती है।
ये बोले मरीज
जिला अस्पताल में बच्चे को दिखाने के लिए आया हूं। ओपीडी में एक घंटे से इंतजार कर रहा हूं। अब तक नंबर नहीं आया है। - लखन, बिजौली।
पैरों में दर्द हो रहा है। पर्चा बनवाने के बाद पौन घंटे से ओपीडी के बाहर बैठी हूं। अभी ये पता नहीं कि कितनी देर और बैठना पड़ेगा। - विमला देवी, नंदनपुरा।
चार-पांच दिनों से बुखार आ रहा है। शरीर में दर्द है। आधा घंटा हो गया है और अब तक डॉक्टर को दिखाने का नंबर नहीं आ पाया है। - रामकिशोरी, दतिया।
हाथ, पैर, पेट में दर्द है। दर्द से कराहते हुए एक घंटे से लाइन में लगा हूं। लगता है आधा घंटा और इंतजार करने के बाद डॉक्टर को दिखा पाऊंगा। - रेखा, कटेरा।
ईएमओ की पुन: जिला अस्पताल में तैनाती के प्रयास शुरू हो गए हैं। जरूरत के अनुसार फिजीशियन की ओपीडी बढ़ाई जा सकती है। - डॉ. आरके सचान, सीएमएस, जिला अस्पताल।