फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेरहमी से परिवार उजाड़ रहा है कोरोना वायरस का संक्रमण

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कोरोना वायरस का संक्रमण बेरहमी के साथ लोगों की जिंदगियां लील रहा है। एक के बाद एक परिवार उजड़ते जा रहे हैं। किसी बच्चे के सिर से मां-बाप का साया छिन गया है, तो कोई महिला मां बनने की हसरत के साथ कोख में बच्चे को लेकर इस दुनिया से रुखसत हो गई है। अस्पतालों के बाहर दिन भर मरीजों के परिजन जमा रहते हैं। किसी की मौत की खबर आने पर चीखपुकार मच जाती है। परिजन शव को शमशान तक ले जाने की तैयारी में जुट जाते हैं। कोई पिता अपने नौजवान बेटे की खैरियत के लिए डाक्टरों से मिन्नतें करता नजर आता है, तो कोई महिला अपनी पति सलामती के लिए दुआएं मांगती नजर आती है। हर आयु वर्ग के लोग इस महामारी की चपेट में आ रहे हैं। महानगर की गली-गली में मातम पसरा हुआ है। लोग दहशत और गम के साये में अपने दिन गुजार रहे हैं।
विज्ञापन

बेटी के जन्म के बाद मां चल बसी
झांसी। महानगर के एक बड़े कारोबारी परिवार की बहू गर्भवती थी। अन्य महिलाओं की तरह उसने भी अपने आने वाले बच्चे के लिए तमाम सपने देख रखे थे। घर में नया मेहमान आने वाला था, इसे लेकर पूरा परिवार खुश था। लेकिन, अचानक परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया। महिला कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गई। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने बेटी को जन्म दिया। लेकिन, इसके कुछ समय बाद ही मां की मौत हो गई। पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि, नवजात सुरक्षित है।
कोख में बच्चे के साथ चल बसी मां
झांसी। पेट में चार माह का गर्भ था। मां के जेहन में आने वाले बच्चे को लेकर तमाम सपने अंगड़ाइयां ले रहे थे। पति और परिवार के सभी लोग बेहद खुश था। घर की गर्भवती बहू की देखरेख में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही थी। लेकिन, अचानक कोरोना वायरस का संक्रमण परिवार की खुशियों पर हावी हो गया। गर्भवती महिला महामारी की चपेट में आ गई। हालत बिगड़ने पर अस्पताल में दाखिल कराया गया। चिकित्सकों व परिवार के लोगों ने महिला को बचाने में पूरी ताकत लगा दी। बावजूद, सांसें थम गईं।
विज्ञापन

चार दिन में सिर से उठ गया माता-पिता का साया
झांसी। सिविल लाइन निवासी रेलवे के क्लास टू ऑफिसर कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन वे जिंदगी की जंग हार गए और शनिवार को उनकी मौत हो गई। इसी दरम्यान उनकी पत्नी भी संक्रमण की चपेट में आ गई। इलाज के दौरान बुधवार को उनकी भी मौत हो गई है। उनकी 19 साल की इकलौती बेटी है। महज चार दिनों के भीतर उसकी पूरी दुनिया उजड़ गई। इस घटना से कोहराम मचा हुआ है।
एक सप्ताह में हुआ दो भाइयों का निधन
झांसी। महानगर के हंसते - खेलते एक होटल कारोबारी परिवार पर कोरोना वायरस के संक्रमण ने बड़ा बज्रपात किया है। एक सप्ताह पहले परिवार के एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी, जिससे पूरा परिवार गमगीन था। वे लोग अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि लगभग पैंतालीस साल की आयु के दूसरे भाई की भी मौत हो गई। सप्ताह भर के भीतर एक के बाद एक दो भाइयों की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जबकि, शुभचिंतक और रिश्तेदार सभी गमगीन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें