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दोपहर बारह बजे के बाद आने लगेंगे परिणाम

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झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मतगणना सभी ब्लॉकों में रविवार की सुबह आठ बजे से आरंभ करा दी जाएगी। दोपहर बारह बजे के बाद ग्राम प्रधान समेत अन्य पदों के परिणाम आने आरंभ हो जाएंगे। जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम देर शाम से आने की उम्मीद है। सोमवार सुबह आठ बजे तक मतगणना लगातार जारी रहेगी। मतगणना में लगे कर्मचारियों को बड़ी बारीकी से अवैध एवं वैध मतपत्रों के बीच अंतर समझाया गया है। विवाद की दशा में निपटने के तौर-तरीके भी बताए गए हैं।
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कोविड संक्रमण की तेज रफ्तार के बीच दो मई को ब्लॉकों में मतगणना कराई जाएगी। मतगणना को लेकर बनाई गई विस्तृत कार्ययोजना के मुताबिक सभी ब्लॉकों में 315 टेबल लगेगी। पांच चरणों में मतगणना होगी। प्रत्येक मतगणना टीम में एक मतगणना पर्यवेक्षक एवं मतगणना सहायक होंगे। सुबह आठ बजे से मतपेटिकाओं के खोले जाने का काम शुरू हो जाएगा। सभी चारों पदों ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के मत सबसे पहले अलग-अलग किए जाएंगे। इसके बाद इनकी अलग-अलग गड्डियां बनेंगी। संदिग्ध मिले मतपत्रों के भी अलग से बंडल बनाए जाएंगे। मतदान केंद्र में पड़े कुल वोटों से मतपेटिका के निकले वोटों के मिलान के बाद उम्मीदवारों के मतोें की गिनती शुरू होगी।
मतगणना से जुड़े अधिकारियों का कहना है गणना आरंभ होने के चार घंटे बाद से परिणाम आने आरंभ हो जाएंगे। छोटी ग्राम पंचायतों के परिणाम तीन बजे तक पूरी तरह साफ हो जाएंगे और बड़ी ग्राम पंचायतों के परिणाम शाम छह बजे के बाद आने लगेंगे। वहीं, जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम भी देर शाम से आने की उम्मीद है। हालांकि सभी परिणाम देर-रात के बाद ही जारी हो सकेंगे।
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निरस्त किए जाएंगे यह मतपत्र
- किसी निशान से मतदाता की पहचान होती हो
- दो अथवा उससे अधिक प्रत्याशियों के सामने निशान बने होने पर
- मतपत्र का अत्यधिक कटा-फटा होने पर
- मतपत्र के प्रमाणिक नहीं होने पर
- मतपत्र को खाली छोड़ दिया गया हो
- पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर न होने वाले मतपत्र
वैध माने जाएंगे यह मतपत्र
- किसी उम्मीदवार के प्रतीक के सामने एक से अधिक चिह्न बनाने पर
- मूल निशान उम्मीदवार के चिह्न पर लगा हो लेकिन, मोड़ने के दौरान निशान की छाया दूसरे उम्मीदवार
में लग गई हो
- निशान चुनाव चिह्न विभाजित करने वाली रेखा पर लगा हो लेकिन, एक उम्मीदवार को मिलता दिखे।
- विवाद पर निर्णय निर्वाचन अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचन अधिकारी को लेना होगा।
अवैध मतों की आरओ करेंगे जांच
अवैध ठहराए जाने वाले मतों को लेकर ही सबसे अधिक हंगामे की आशंका जताई जा रही है। मतपत्र मेें मुहर अगल-बगल लग जाने से बड़ी संख्या मेें मतपत्र अवैध ठहरा दिए जाते हैं। इसी बात पर दो गुटों में टकराव देखने को मिलता है। इनके टकराव को टालने के लिए मतगणना अधिकारी के बजाए ऐसे मतपत्रों पर निर्णय की जिम्मेदारी रिटर्निंग आफीसर को सौंपी गई है। आरओ ही ऐसे मतपत्रों की जांच करेंगे। पुनर्मतगणना के लिए भी उम्मीदवारों को लिखित आवेदन देना होगा।
मुकाबला टाई होने पर निकाली जाएगी पर्ची
मतों की गिनती के दौरान अगर दो अथवा उससे अधिक उम्मीदवारों के बीच मुकाबला टाई हो जाता है, तो ऐसे में विजयी उम्मीदवार का निर्णय उन उम्मीदवारों के बीच पर्ची डालकर किया जाएगा। पर्ची के जरिए जिस उम्मीदवार की किस्मत खुलेगी, उस पर्ची को उसके एक मत के तौर पर गिना जाएगा।
मुख्यालय से जारी होंगे सभी परिणाम
मतों की गिनती का काम ब्लॉकों में होगा लेकिन, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यों के परिणामों की अधिकृत घोषणा मुख्यालय से होगी। ब्लॉकों में सभी के मतों को जोड़कर भेजा जाएगा। परिणाम संबंधित आरओ की ओर से जारी होगा।
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