झांसी। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत शुक्रवार को दीनदयाल सभागार मेें आयोजित मिशन शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं, छात्राओं व महिला पुलिसकर्मियों को पुलिस अफसरों ने सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि परिजन बच्चों को महिला सम्मान की रक्षा के संस्कार दें, ताकि वह महिलाओं व लड़कियों का सम्मान करें। महिलाओं व छात्राओं को बताया कि वह डरें नहीं, सिर्फ शिकायत करें। पुलिस हर कदम पर उनके साथ है।
आईजी सुभाष सिंह बघेल ने कहा कि केवल वर्दी पहनना ही पुलिसिंग नहीं है। जो गलत काम करने से रोके वही पुलिस है। जिम्मेदार नागरिक समाज को सही दिशा में ले जाते हैं। पुलिस इसमें सहायता करती है। पुलिसिंग की जानकारी देते हुए कहा कि नियमों को सब जानते हैं, लेकिन जरूरत उनका पालन कराने की है। उन्होंने डायल-100, महिला हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि जब भी जरूरत हो तो तुरंत पुलिस की सहायता लें।
डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि उन्होंने कहा कि युवतियां किसी भी बात को छिपाएं नहीं, घर में माता-पिता व अन्य परिजनों से परेशानी को साझा करें, जिससे उसका समाधान किया जा सके। छात्राएं कानूनी अधिकारों की जानकारी रखें, क्योंकि जागरूकता जीवन में अहम होती है। छात्राएं अपने फोन में हेल्पलाइन नंबरों के साथ ही पुलिस अफसरों और थाने का नंबर रखें, जिससे जरूरत पडने पर पुलिस की मदद ली जा सके।
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि पुलिस फोर्स में शामिल प्रत्येक व्यक्ति आपके बीच का ही है, इसलिए पुलिस से झिझक कैसी। उन्होंने कहा कि महिला व छात्राओं को किसी भी तरह की परेशानी होने पर डायल 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 की मदद से पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं। उनका नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने के लिए एंटी रोमियो टीमों का का गठन किया गया है, जो महिला, छात्राओं व युवतियों की मदद के लिए पुलिस चौबीस घंटे तैयार है।
कार्यक्रम के दौरान एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी व एसपी देहात राहुल मिठास ने आईजी, डीएम व एसएसपी का स्वागत किया। संचालक समाजसेविका डॉ. नीति शास्त्री व आभार जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने जताया।
इनका हुआ सम्मान
डॉ. नीति शास्त्री, स्वर्ण पदक विजेता नेहा सिंह, दिव्यांग बहादुरी सीमा तिवारी, डॉ. श्वेता पांडेय, चिकित्सक डॉ. साधना कौशिक, बाल कलाकार कुमारी माहेश राज, राष्ट्रीय शूटर निरीक्षक रंजना गुप्ता, महिला प्रभारी निरीक्षक पूनम शर्मा, एसआई अमृता पांडेय, विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज परमेंद्र सिंह आदि का सम्मान किया गया।
मैं महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा के लिए हमेशा सजग रहती हूं। साथ ही मैं समय-समय पर जागरूक भी करती हूं।
दामिनी अग्रवाल, महिला रिक्रूट्स
कार्यक्रम में शामिल होकर आज मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। आगे चलकर मैं महिलाओं व युवतियों की मदद को आगे रहूंगी।
गौरी अग्रवाल, महिला रिक्रूट्स
पुलिस की ट्रेनिंग के दौरान मुझे महिलाओं की हिफाजत करना भी सिखाया जा रहा है। मैं इसके लिए पूरी तैयार भी हूं।
पूजा कुमारी, महिला रिक्रूट्स
ट्रेनिंग में हम लोगों को हिफाजत करने के तौर तरीके सिखाए जाते हैं। यह सीखने के बाद मैं छात्राओं व युवतियों को भी जागरूक कर रही हूं।
दीक्षा यादव, एनसीसी कैडेट
कार्यक्रम में शामिल होेेकर मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। कई कानून की जानकारियां जानीं। पुलिस हर समय हमारे साथ है।
जैनब, एनसीसी कैडेट
पुलिस हमारी मित्र है, किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत अधिकारियों व पुलिस को सूचना दें। ताकि, सही समय पर मदद हो सके।
अंकिता, एनसीसी कैडेट