झांसी। सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन के फैसले के बाद शुक्रवार से एसएफएस डीएलएड और बीएड कॉलेजों ने अपने यहां तालाबंदी कर दी है। एसोसिएशन शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति के साथ-साथ भवन, जमीन, शिक्षकों की योग्यता आदि का सत्यापन कराने का विरोध कर रहा है।
शुक्रवार को निजी होटल में हुई पत्रकार वार्ता में एसएफएस एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सीवी सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा की जा रही अनैतिक जांचों का पुरजोर विरोध करते हैं। सभी एसएफएस डीएलएड और बीएड कॉलेजों में संपूर्ण तालाबंदी कर दी गई है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मान्यता दिए जाने के बाद शासन को जांच कराने का अधिकार नहीं है। जब केंद्र सरकार मान्यता देती है तो उसकी पत्रावली या उसकी जांच स्थानीय प्रशासन द्वारा की जाती है, जिसमें सभी अधिकारी शामिल होते हैं। इसके बाद फिर वही अधिकारी उसकी पुन: जांच करके क्या साबित करना चाहते हैं। लॉकडाउन के कारण कॉलेज पिछले आठ महीने से बंद हैं। शिक्षकों को वेतन देने का भार है। ऐसे समय में कोई सहानुभूति नहीं रखी जा रही है। जब तक इस तरह का शासनादेश वापस नहीं होता जब तक तालाबंदी जारी रहेगी। इस दौरान डॉ. एसके गांधी, डॉ. वैभव गुप्ता, डॉ. रामचंद्र पटेल, डॉ. विजय खैरा, डॉ. बाबूलाल तिवारी, डॉ. शरद खरे, देवेंद्र बक्शी, जितेंद्र यादव, अपूर्व शुक्ला, डॉ. अखिलेश मिश्रा मौजूद रहे।