झांसी। जिले में स्थापित पीएसी की 33 वीं वाहिनी जल्द मजबूत होगी। अगस्त में तीन कंपनियां मिलने जा रही हैं। यह कंपनी मिलने के बाद बुंदेलखंड के कई जिलों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहेंगी। वर्तमान में पीएसी में पांच कंपनियां हैं। तीन कंपनियां मिलने के बाद संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी।
जिले की पीएसी वाहिनी सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। वर्तमान में जिले की पांच पीएसी कंपनियां अलग-अलग स्थानों में कार्यरत हैं। इनमें एक कंपनी लखनऊ में वीआईपी ड्यूटी के साथ-साथ मंत्री व नेताओं के यहां हाउस ड्यूटी निभा रही है। दूसरी कंपनी कानपुर देहात, कन्नौज, औरया तथा तीसरी कंपनी जालौन व ललितपुर में तैनात है।
चौथी कंपनी वर्तमान में मजदूरों के निकलने के बाद से ही रक्सा में तैनात कर दी गई है। ऐसे में झांसी समेत आसपास के जिलों में इमरजेंसी पड़ने पर समस्या पैदा हो सकती है। करीब तीन साल पहले अतिरिक्त कंपनियों की मांग की गई थी। एक अगस्त को तीन अतिरिक्त कंपनियां मिलने जा रही हैं। इससे पीएसी काफी मजबूत होगी। एक कंपनी में 135 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल होते हैं।
इनमें निभाते महत्वपूर्ण भूमिका
पीएसी कर्मी गंभीर कानून व्यवस्था की समस्या, विशिष्ठ व्यक्तियों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण मेले, त्योहारों में व्यवस्था, सांप्रदायिक दंगों में, विभिन्न बड़े आंदोलनों में, चुनाव व्यवस्था, बड़े खेलों के आयोजन मेें, प्राक़ृतिक आपदा, बड़ी दुर्घटना, बाढ़ राहत समेत आदि में योगदान देते हैं।
एक अगस्त को पीएसी के बेड़े में तीन और कंपनियां शामिल हो जाएंगी। तादाद बढ़ने से पीएसी को और भी मजबूती मिलेगी।
करन सिंह यादव, सहायक सेनानायक