झांसी। मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी झांसी, ललितपुर समेत बुंदेलखंड के लिए किसी आफत से कम नहीं है। क्षेत्र में इंदौर और भोपाल से ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। ऐसे में वहां कोरोना के मरीज बढ़ने से खपत में इजाफा हुआ है। इस कारण एमपी से झांसी को ऑक्सीजन की कम आपूर्ति हो रही है।
कोरोना वायरस के दौर में ऑक्सीजन की खपत काफी बढ़ गई है। सांस लेने की तकलीफ होने पर उन्हें कई-कई दिनों तक ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में स्थापित लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से मिलने वाली ऑक्सीजन भी कम पड़ रही है। इस वजह से ऑक्सीजन की बाहर से भी खरीद करनी पड़ रही है। सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ने के कारण निजी अस्पताल और एंबुलेंसों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। इस कारण कई एंबुलेंसों के पहिए थमे हुए हैं।
ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले झांसी के सप्लायरों का भी कहना है कि उनके पास मांग के अनुसार ऑक्सीजन नहीं आ पा रही है। ऐसे में नर्सिंगहोमों के साथ-साथ एबुलेंस चालक भी ऑक्सीजन की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। बताया गया कि झांसी में मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल से अधिकतर ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। चूंकि, एमपी में भी कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में वहां भी ऑक्सीजन की खपत में तेजी से उछाल आया है। इन्हीं वजहों से झांसी में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो पा रही है।
पहले तीन, अब हफ्ते में एक गाड़ी ही आती
सप्लायरों ने बताया कि झांसी में पहले ऑक्सीजन की तीन गाड़ियां सप्ताह में आ जाती थीं, अब बड़ी मुश्किल से एक गाड़ी आ पा रही है। आपूर्ति कम होने से सप्लाई भी कम हो पा रही है।
उत्तर प्रदेश में भी नोएडा, कानपुर समेत पांच स्थानों पर ऑक्सीजन के प्लांट स्थापित हैं। मध्य प्रदेश में कमी होने पर अब यूपी के प्लांटों से ऑक्सीजन मंगवाई जाने लगी है। शुक्रवार को सप्लायरों से बातचीत में जानकारी मिली कि झांसी में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन है। शनिवार से सभी को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाएगी। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक।