यूपी में झांसी के पूंछ थाना इलाके के ग्राम वरोदा में पूर्व ग्राम प्रधान के घर आयोजित त्रयोदशी संस्कार में शामिल हुए एक हजार लोग बीमार हो गए हैं। उन्हें उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत है। बीमारों का आसपास के सभी स्वास्थ्य केंद्रों समेत झांसी और ग्वालियर में इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ही डेरा डाल लिया है। घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है। इसके अलावा खाने के नमूने भी लिए गए हैं।
ग्राम वरोदा निवासी पूर्व प्रधान लाखन सिंह राजपूत के पिता भगवानदास राजपूत का निधन हो गया था। शुक्रवार को उन्होंने त्रयोदशी संस्कार का आयोजन किया था, जिसमें ग्राम वरोदा के अलावा आसपास के गांव पावई, सेरसा, कुइया, ग्यारई, दोहरका, पूंछ, सिकंदरा, महूसा, बांगरी, चिरगांव खुर्द, कडूरा, दतावली, बसोवई, चितगुवां आदि के लगभग तीन हजार लोगों को आमंत्रित किया गया था। देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा था। शनिवार को त्रयोदशी संस्कार में शामिल हुए लगभग एक हजार लोगों को उल्टी-दस्त होने लगे। इसके अलावा उनके पेट में दर्द रहा। तमाम लोगों को बुखार भी आ गया।
शुरुआत में लोग इसकी वजह मौसम में आए बदलाव को मानते रहे। लेकिन, शनिवार को हालत और भी ज्यादा बिगड़ने लगी। ग्राम वरोदा में तो हर घर से मरीज सामने आने लगे। लोग इलाज के लिए आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों की ओर भागे। स्वास्थ्य केंद्रों में जगह न बचने पर मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। कुछ लोगों को उनके परिजन ग्वालियर भी लेकर गए हैं।
जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, एसडीएम मोंठ मनोज कुमार सरोज, एसपी देहात गोपीनाथ सोनी मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम वरोदा में शिविर लगा लिया है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर मरीजों की जांच में जुटे हुए हैं।