अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेटे की शादी के चौथे दिन ही पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सोमवार तड़के चिरगांव में झांसी-कानपुर रेल मार्ग पर पड़ा मिला। परिजन हादसे की बात बता रहे हैं लेकिन उनकी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
चिरगांव के मोड़ खुर्द गांव के रहने वाले लालदास (50) पुत्र राम सिंह खेती किसानी करते थे। परिजनों ने बताया कि 16 मई को बेटे दीपक की शादी बढ़ेरा के सोपान गांव में की थी। बहू घर आ गई थी। सोमवार सुबह छह बजे सैर पर जाने की बात कहकर वह निकले थे। करीब दो घंटे बाद उनका शव रेलवे पटरी पर मिलने की बात मालूम चली। यह सुनकर परिवार में रोना-पिटना मच गया। रोते-बिलखते परिवार के लोग भी घटना स्थल पर पहुंच गए। उनक शव रेल पटरी पर पड़ा हुआ था। ट्रेन की चपेट में आने से तीन टुकड़ों में बंट गया था। परिवार के लोग सुसाइड की बात से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है सुसाइड करने की कोई वजह नहीं है लेकिन, दुर्घटना होने की बात भी वहां रहने वालों ने नहीं बताई। थाना प्रभारी तुलसी राम पांडेय के मुताबिक उनकी मौत की छानबीन की जा रही है। अभी मौत की वजह साफ नहीं है।