झांसी। त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में वेटिंग के टिकट पर यात्रा करना 50 हजार से अधिक यात्रियों को महंगा पड़ गया। टिकट चेकिंग कर्मचारियों ने ऐसे यात्रियों को बिना टिकट मानते हुए उनसे चलती ट्रेन व स्टेशन पर जुर्माना वसूल किया। पिछले 40 दिन में 3.89 करोड़ जुर्माना वसूल किया गया। कोरोना काल में संचालित स्पेशल ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले मुसाफिरों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है।
कोरोना काल में रेलवे ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चला रहा है। इन ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। इस कारण यात्रियों को अक्तूबर में त्योहारी सीजन (नवरात्र, करवाचौथ, दीपावली और छठ पूजा) में अपनी सुविधा अनुसार आरक्षण नहीं मिल सका। स्थिति में हजारों यात्रियों के ट्रेनों में वेटिंग तक कंफर्म नहीं सकी। चूंकि, त्योहार पर घर पहुंचना जरूरी था, ऐसी स्थिति में मुसाफिर वेटिंग के टिकट पर ही यात्रा करने के लिए मजबूर रहे। मगर यह यात्रा वेटिंग टिकट व बिना टिकट यात्रियों के लिए महंगी साबित हो गई।
चलती ट्रेन में टिकट चेकिंग कर्मचारियों ने वेटिंग के यात्रियों को बिना टिकट मानते हुए उनसे जुर्माना वसूल किया। विगत एक अक्तूबर से दस नवंबर तक झांसी मंडल के टिकट चेकिंग कर्मचारियों ने अलग- अलग ट्रेनों व स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान 50,144 यात्रियों से 3 करोड़ 89 लाख 60 हजार 81 रुपये जुर्माना वसूल किया। इसमें जिस यात्री ने खिड़की से टिकट बनवाया था उसके टिकट पर जो प्रारंभिक व अंतिम स्टेशन दर्ज था उसी हिसाब से किराये के साथ जुर्माना वसूल किया गया।
- स्पेशल ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। वेटिंग के टिकट पर यात्री को बिना टिकट माना जा रहा है। पकड़े जाने पर उसको किराये के साथ जुर्माना भरना होगा।
अखिल शुक्ला, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (द्तिीय)
कोरोना के चलते रेलवे ने 23 मार्च 2020 से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। कोरोना से पूर्व मंडल से दैनिक एवं सप्ताह के अलग- अलग दिनों में चलने वालीं मेल व एक्सप्रेस गाड़ियों की संख्या 288 थी। इसके साथ ही 52 पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता था। दूसरी कोरोना लहर के बाद रेलवे में अब पूरी तरह हालात सामान्य होने लगे हैं। 288 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में 272 का और 52 में से 24 पैसेंजर का संचालन शुरू हो गया है।