फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओमिक्रॉन ने उड़ाई जेल प्रशासन की नींद, अब 90 दिन हुई कैदियों की पैरोल

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। ओमिक्रॉन की आहट ने जेल प्रशासन की भी नींद उड़ा दी है। कारागार पर बोझ को कम करने के लिए पैरोल पर बाहर घूम रहे कैदियों की पैरोल अवधि बढ़ाकर 90 दिन कर दी गई है। अब इन कैदियों को तीन महीने बाद दोबारा अपनी आमद करानी होगी। झांसी से 54 कैदियों को पैरोल पर रिहा किया गया था।
विज्ञापन

कोविड महामारी के दौरान संक्रमण से बचाव की खातिर सात साल से कमसजायाफ्ता कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था। बुंदेलखंड में झांसी, ललितपुर जेल से कुल 82 कैदी पैरोल पर छोडे़ गए थे। इनमें झांसी से 54 एवं ललितपुर से 28 कैदियों को छोड़े गए। पुलिस अफसरों के मुताबिक कोरोना के नए मामलों के चलते पैरोल अवधि फिर से बढ़ा दी गई है। ओमिक्रॉन की आहट के चलते जेल प्रशासन को कैदियों की संख्या कम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसका बड़ा फायदा उन कैदियों को मिला, जो पैरोल अवधि खत्म होने के बावजूद जेल में वापस नहीं लौटे। अब इन कैदियों की पैरोल में इजाफा हो गया। इस संबंध में जारी शासनादेश भी जिला कारागार में पहुंच गया है। जेल अधिकारियों के मुताबिक पैरोल दो श्रेणी में बढ़ाई गई है। पहली श्रेणी में 60 दिनों की पैरोल में इजाफा किया गया, जबकि दूसरी श्रेणी की पैरोल 90 दिनों की बढ़ाई गई। पहली बार छोड़े जाने वाले कैदियों को साठ दिन की पैरोल दी गई है। बता दें, कोरोना के प्रकोप के चलते ऐसे कैदियों को मार्च 2020 में आठ सप्ताह की पैरोल पर छोड़ा गया था। यह अवधि बाद में धीरे-धीरे करके बढ़ाई जाती रही। पिछले वर्ष 2020 के नवंबर माह में सरकार ने पैरोल नहीं बढ़ाई। उसके बाद से पैरोल पर छूटे कैदियों की खोज-खबर शुरु हुई लेकिन, तमाम कैदी वापस ही नहीं लौटे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में शासनादेश मिला हुआ है। शासनादेश के मुताबिक पात्र कैदियों की पैरोल बढ़ा दी गई है।
रंग बहादुर पटेल, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें