झांसी। जीआईसी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर कॉलेज के प्राक्तन छात्र संगठन द्वारा आयोजित शताब्दी समारोह का रविवार को समापन हुआ। इस मौके पर पुरातन छात्रों ने बच्चों को जीवन के अपने अनुभव साझा कर कॅरियर की राह दिखाई। साथ ही सप्ताहभर में हुईं प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अशोक ध्यानचंद्र को जीआईसी रत्न पुरस्कार दिया गया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि दृढ़निश्चय ही उनकी कामयाबी की सीढ़ी बना है। स्पीकर शैलेश कुमार गुप्ता ने कॅरियर वर्कशाप में छात्रों को अपनी रूचि और क्षमताओं में संतुलन रखना सिखाया। साथ ही बच्चों के कॅरियर के अनेक विकल्पों से अवगत कराया।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापकों को स्मृति चिन्ह और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान निबंध में प्रियांशु लिखार प्रथम, सुमित साहू द्वितीय, देवव्रत तृतीय को पुरस्कृत किया गया। अन्य सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर जयंत मणि जैन, वेद प्रकाश अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, रजनी गुप्ता, नीता सक्सेना, प्रदीप श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश निगम, नीता सक्सेना मौजूद रहे। संचालन इंजी. मुकेश गुप्ता औैर आभार अशोक सक्सेना ने व्यक्त किया।