झांसी। अबकी बार अगर आप ट्रेन में यात्रा करते हैं तो हो सकता है कि आपको ज्यादा किराया देना पड़ जाए। दरअसल, रेलवे जल्द ही बड़े स्टेशनों पर कराए गए विकास कार्य ( प्रमुख स्टेशनों पर बढ़ाईं गईं सुविधाएं) के नाम पर मुसाफिरों से अतिरिक्त किराया वसूलने की तैयारी कर रहा है। इसमें यात्रियों से 10 रुपये से 35 रुपये तक अतिरिक्त किराया लिया जाएगा। इनमें मंडल के झांसी व ग्वालियर स्टेशन भी शामिल हैं। वहीं, कोरोना काल में मुसाफिर पहले से ही स्पेशल और फेस्टिवल ट्रेन के नाम पर 25 से 30 फीसदी अधिक किराया देने को मजबूर है। कोरोना के चलते रेलवे ने 23 मार्च 2020 से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। दूसरी कोरोना लहर के बाद रेलवे में अब पूरी तरह हालात सामान्य होने लगे हैं। मंडल में भी 288 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में 272 का और 52 में से 24 पैसेंजर का संचालन शुरू हो गया है। हालांकि, मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में अभी भी सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। अधिकांश ट्रेनों के चलने के बाद भी रेलवे अभी भी ट्रेनों को स्पेशल नाम देकर 25 से 30 फीसदी ज्यादा किराया ले रहा है। इतना ही नहीं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के नाम पर भी कुछ गाड़ियों में रेस्ट्रिक्शन चार्ज वसूला जा रहा है। इन ट्रेनों में आप किसी भी स्टेशन पर उतरे। कम से कम 500 किलोमीटर का किराया देना पड़ता है। पैसेेंजर ट्रेनों में एक्सप्रेस के जनरल कोच के बराबर किराया लिया जा रहा है।
रेलवे अब स्टेशनों के पुनर्विकास के नाम पर अतिरिक्त चार्ज वसूलने की तैयारी कर रहा है। पता चला है कि यह चार्ज उन स्टेशनों से लिया जाएगा जहां नए निर्माण कार्य और यात्री सुविधाएं बढ़ाईं गईं हैं।
- इंडियन रेलवे स्टेशन डवलपमेंट कारपोरेशन चिह्नित स्टेशनों पर विकास कार्य करवा रहा है। इन स्टेशनों पर वर्ल्ड क्लास स्टेशनों की तरह सुविधाएं मुहैया कराईं जा रहीं हैं। इन स्टेशनों से किराए में अतिरिक्त चार्ज लिया जा सकता है, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
डॉ. शिवम शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी।