झांसी। तेल कंपनियां रोडवेज को बाजार भाव से भी चार गुना ज्यादा मूल्य पर डीजल दे रही थीं। ऐसे में झांसी डिपो पर प्रतिदिन 16 हजार रुपये का बोझ बढ़ गया था। इससे चलते अब मुख्यालय के आदेश पर निजी पेट्रोल पंपों से भी डीजल लिया जाएगा। इससे रोडवेज को प्रतिदिन के हिसाब से 16 हजार रुपये का फायदा होगा।
तेल कंपनियों ने रोडवेज को आपूर्ति किए जा रहे डीजल पर बाजार मूल्य पर डिस्कांउट देना बंद कर दिया । बल्कि अब बाजार भाव से भी चार गुना महंगे भाव पर डीजल दे रहे थे। इसके चलते रोडवेज पर करीब 16 हजार रुपये प्रतिदिन का बोझ पड़ रहा था। लेकिन अब मुख्यालय के आदेश के बाद रोडवेज को प्रतिदिन पड़ने वाले 16 हजार का बोझ कम हो जाएगा। झांसी डिपो से प्रतिदिन 100 बसों के संचालन में चार हजार लीटर डीजल की खपत होती है। जो डिपो के अंदर इंडियन ऑयल कंपनी से रोडवेज को लगभग 91.50 रुपये में प्रति लीटर के हिसाब से डीजल की आपूर्ति कराता था। एडवांस पैसा जमा करने के चलते तेल कंपनियां 15 फरवरी तक विभाग को बाजार भाव से करीब चार रुपये सस्ता डीजल उपलब्ध करा रहीं थीं। लेकिन गत 16 फरवरी से तेल कंपनियों ने बाजार भाव से प्रति लीटर डीजल को चार रुपये ज्यादा बढ़ा दिया था। यही डीजल बाजार भाव में निजी पेट्रोल पंप पर 86.50 रुपये में मिल जाता है। इससे रोडवेज को सात दिनों में एक लाख 12 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद मुख्यालय के निर्देश पर बृहस्पतिवार से रोडवेज की बसों में निजी पेट्रोल पंपों से डीजल भरवाने के निर्देश मिल गए इससे अब रोडवेज को प्रतिदिन 16 हजार रुपये का फायदा होगा।
तेल कंपनियों द्वारा बाजार भाव से चार रुपये महंगा डीजल दिया जा रहा था। बृहस्पतिवार को मुख्यालय के निर्देश पर बाजार से रोडवेज की बसों में डीजल भरवाया जाएगा। इससे प्रतिदिन होने वाले व्यय में 16 हजार रुपये का फायदा होगा। - संदीप अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज