झांसी। जच्चा-बच्चा के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेपरवाह हैं। हाल ये है कि झांसी में अब तक एक भी मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग नहीं खुल सकी है। जबकि, ललितपुर जैसे छोटे जनपद में तीन इकाइयां चालू हैं। झांसी में भी कम से कम तीन विंग तुरंत खुलने की जरूरत है। तब जाकर ग्रामीण इलाकों की प्रसूताओं को राहत मिल सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का लापरवाह रवैया किसी से छुपा नहीं है। प्रदेश सरकार की तरफ से तमाम सुविधाएं, योजनाओं की सौगात दी जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ विभाग शासन को प्रस्ताव तक नहीं भेज पा रहा है। हाल ये है कि जिले में एक भी मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग नहीं शुरू हो चुकी है। जबकि, मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले महीने ही 750 डिलीवरी हुई हैं। वहां से महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज की दूरी बहुत है। ऐसे में हालत गंभीर होने पर किसी भी महिला या बच्चे की जान जोखिम में पड़ सकती है। इसके अलावा गरौठा, गुरसरांय, मोंठ में भी खूब डिलीवरी होती हैं। मगर अब तक यहां पर एचसीएच विंग शुरू करने की कवायद नहीं की गई। जबकि, ललितपुर में तालबेहट, बार, मड़ावरा सीएचसी में एमसीएस विंग खुली हुई हैं।
30 से लेकर सौ बेड की खुलती
एमसीएच विंग 30, 50 और 100 बेड की खुलती हैं। इसमें वार्ड, आइसोलेशन रूम, लेबर रूम, प्राइवेट रूम, मदर एंड न्यू बॉर्न केयर यूनिट, स्तनपान सेंटर, निक्कू, आईसीयू, एचडीयू, प्री एंड पोस्ट ऑपरेटिव ओटी समेत जरूरत के अनुसार तमाम सुविधाएं होती हैं। इसके अलावा डॉक्टर समेत अलग से स्टाफ की नियुक्ति होती है।
झांसी में कम से कम तीन एमसीएच विंग खोलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसमें मऊरानीपुर, मोंठ, गरौठा या गुरसराय को शामिल किया जाएगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही विंग खुल जाएगी। - डॉ. विनोद कुमार यादव, जेडी हेल्थ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण।