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आयकर सर्वे पर जोर नहीं, नोटिस भेजकर मांगे जा रहे जवाब

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झांसी। कोरोना महामारी के दौरान आयकर सर्वे थमे चल रहे हैं। इस साल भी सर्वे होने की उम्मीद कम है। इस कारण विभाग जिन करदाताओं ने पिछले सालों की तुलना में टैक्स कम दिया है उनको ही नोटिस भेजकर जवाब मांग रहा है। ताकि अधिक से अधिक टैक्स हासिल किया जा सके। दूसरा विभाग लक्ष्य पूरा करने के लिए करदाताओं से ही अधिक से अधिक टैक्स मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।
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आयकर विभाग टैक्स चोरी का पता करने के लिए बड़े करदाताओं पर सर्वे व सर्च जैसी कार्रवाई करता है। सर्वे के दौरान अभिलेखों की जांच की जाती है। सर्वे परिक्षेत्र के ही अधिकारी कर लेते हैं। जबकि, सर्च में अभिलेखों के अलावा घर, प्रतिष्ठान व उनसे जुड़े सभी ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर नकदी, जेवरात समेत सभी अर्जित संपत्तियों की जांच की जाती है। कोरोना महामारी के कारण झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र में मार्च 2020 से सर्वे का काम थमा चल रहा है। इस साल भी सर्वे होने की उम्मीद कम है। इस कारण विभाग लक्ष्य को पाने के लिए ऐसे करदाताओं को नोटिस भेज रहा है, जिन्होंने पिछले सालों की तुलना में सत्र 2020-21 में टैक्स कम दिया था। विभाग ने चिह्नित करदाताओं को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।
जांच करने को झांसी में अलग है स्पेशल दस्ता
विभाग ने सर्वे व सर्च के लिए एक अलग जांच यूनिट का गठन कर रखा है। झांसी कार्यालय में भी इस यूनिट को खोला गया है। इस यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर सहायक निदेशक (जांच) नियुक्त है। पहले यह काम आगरा की जांच यूनिट देखती थी। हालांकि, किसके यहां जांच होनी है, उससे संबंधित डाटा प्रधान आयकर निदेशक (जांच) कानपुर कार्यालय से ही भेजा जाता है।
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भेजी जा सकती हैं शिकायतें
सहायक निदेशक आयकर (जांच) यूनिट में लोग किसी की प्रोपर्टी, नकद जमा व बेनामी संपत्तियों से संबंधित शिकायतें कर सकते हैं। शिकायतों की उक्त यूनिट गोपनीय जांच करती है।
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