new machine went stopped to ventiletar
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही आधुनिक मशीनें आएंगी। इनमें कुछ ऐसी मशीनें भी शामिल हैं, जो हाई प्रेशर से ऑक्सीजन देने में सक्षम है। इन मशीनों के उपयोग से मरीजों को वेंटिलेटर पर जाने से रोका जा सकेगा। आंकड़ों पर गौर करें तो वेंटिलेटर पर जाने वाले मरीजों की मृत्यु दर 60 प्रतिशत है। शासन ने मशीनों की खरीद की अनुमति दे दी है।
कोरोना वायरस के दौरान सांस लेने में तकलीफ होने पर मरीज को ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है। कई मरीज तो वेंटिलेटर पर पहुंच जाते हैं। कोरोना वायरस के इस संक्रमणकाल में शासन ने मेडिकल कॉलेज को मशीनों की सौगात दी है। प्रदेश भर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ झांसी को हाई फ्लो नोजल ऑक्सीजन मशीन की सौगात मिली है। इस मशीन से मरीज को बहुत तेजी से ऑक्सीजन दी जाती है। बताया गया कि ऑक्सीजन का फ्लो इतना तेज रहता है कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी पूरी हो जाती है। वहीं, हेलमेट सी पैप मरीज भी मेडिकल कॉलेज को मिलने वाली है। हेलमेटनुमा ये मशीन भी ऑक्सीजन को श्रोत होती है। काफी प्रेशर से यह मरीज को ऑक्सीजन सप्लाई करती है। वहीं, जल्द ही मोबाइल डिजिटल एक्सरे भी मेडिकल कॉलेजों को मिल जाएगी। इसके बाद कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज का आइसोलेशन वार्ड में ही एक्सरे होगा। इससे एक से दूसरे व्यक्ति में मशीन के जरिए संक्रमण फैलने का खतरा भी नहीं होगा।