अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर के बीचोंबीच गोविंद चौराहे से मिनर्वा जाने वाले मार्ग पर नगर निगम की तीन एकड़ भूमि पर कब्जा हो गया है। यहां पर मकान और दुकान भी बन गए हैं। नगर निगम प्रशासन करीब 70 कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर चुका है। जल्द ही निगम की टीम इन कब्जाधारकों को हटवाएगी।
तहसील दिवस में करीब पांच महीने पहले एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि गोविंद चौराहे के पास सरकारी जमीन पर कब्जा हो गया है। चूंकि, आसपास सेना की भी भूमि है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से जमीन के संबंध में जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय से पत्राचार किया गया। मंत्रालय से जवाब मिला कि ये भूमि करीब 60 साल पहले ही नगर निगम (तब नगरपालिका) को हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके बाद, नगर निगम की टीम ने जमीन की पैमाइश की तो यहां पर तीन एकड़ भूमि सरकारी मिली।
इस दौरान सरकारी जमीन पर करीब 70 मकान और दुकानों का निर्माण भी पाया गया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन इन सभी भवन और दुकान बनाने वाले कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर चुका है। बताया गया कि इन मकान और दुकानों का निर्माण कई दशक पहले हो चुका है।
बुलडोजर चला, 40 साल बाद कब्जामुक्त कराई थी जमीन
रानी महल के सामने नगर निगम की जमीन पर करीब 40 सालों से 10 पुलिस कर्मचारियों ने कब्जाकर आवास बना लिए थे। सितंबर 2023 में नगर निगम ने सभी को नोटिस जारी कर आवास खाली कराने के लिए कहा था। आवास खाली होने के बाद निगम ने बुलडोजर चलवाकर आवासों को गिरवा दिया था और जमीन कब्जा मुक्त करवाई थी।
गोविंद चौराहे से मिनर्वा मार्ग पर नगर निगम की तीन एकड़ भूमि है। इस पर करीब 70 लोगों ने दुकान और मकान बनवा लिए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। - गौरव कुमार, सहायक नगर आयुक्त