झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में शनिवार को इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन की तरफ से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. पारस गुप्ता ने बताया कि सड़क हादसे में जान जाने के मामले में भारत विश्व में पहले स्थान पर है। इसमें 86 प्रतिशत की आयु तो 18 से 60 साल के बीच है।
उन्होंने बताया कि भारत में हर साल डेढ़ लाख लोग सड़क हादसे में जान गंवा देते हैं। इसमें 85 प्रतिशत पुरुष होते हैं। यदि समय पर कई मरीजों को इलाज मिल जाए तो कइयों की जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम में उन्होंने सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को एंबुलेंस आने या अस्पताल पहुंचने से प्राथमिक उपचार देने के संबंध में जानकारी दी। कब और कैसे घायल को सीपीआर दें, किस पोजीशन में उसे लिटाना है। कब मुंह या नाक सांस देनी हैं, इन बिंदुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय गुप्ता ने किया। डॉ. आरएस भदौरिया ने आभार जताया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, डीन डॉ. सुधीर कुमार, प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता भदौरिया, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. अमित सहगल, डॉ. पंकज सोनकिया, डॉ. अरविंद कनकने, डॉ. मनोज कनकने, डॉ. अरविंद भदौरिया, डॉ. राकेश त्रिपाठी, मौजूद रहे।