झांसी। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए जेल प्रशासन ने कैदियों की परिजनों से मुलाकात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। अब कैदियोें की परिजनों से होने वाली साप्ताहिक मुलाकात नहीं हो सकेगी। इसके पहले भी करीब डेढ़ साल तक यह मुलाकात बंद रही। अगस्त महीने में मुलाकात दोबारा प्रारंभ कराई गई लेकिन चार महीने बाद फिर से संक्रमण बढ़ने पर रोक लग गई है। झांसी जेल में पिछले दिनों एक बंदी संक्रमित मिला था।
जिला कारागार में इस समय 1473 बंदी हैं। क्षमता से कई गुना बंदी होने के चलते यहां संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। बीस दिसंबर को ही झांसी जेल में एक कोरोना संक्रमित बंदी मिल चुका है। इन हालातों को देखते हुए जेल प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया। कैदियों का बाहरी लोगों से पूरी तरह संपर्क काटने के लिए मुलाकातियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया गया है। शासन के निर्देश आने के बाद जेल प्रशासन ने रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद अब किसी भी कैदी की मुलाकात नहीं कराई जाएगी। यहां बता दें कि कोरोना की शुरूआत में 22 मार्च 2020 को इस पर रोक लगाई गई थी। यह पाबंदी करीब डेढ़ साल लगी रही। 16 अगस्त 2021 को सरकार ने यह पाबंदी खत्म की थी। इसके बाद मुलाकातियों की दोनों पालियों में मुलाकात शुरू कराई गई। कैदियों की परिजनों के साथ साप्ताहिक मुलाकात आरंभ हो गई लेकिन, एक बार फिर संक्रमण के दोबारा पांव पसारने पर परिजनों के साथ मुलाकात पर फिर ग्रहण लग गया। जेल प्रशासन का कहना है स्थिति सामान्य होेने पर ही दोबारा मुलाकात आरंभ हो सकेगी।
झांसी और ललितपुर की जेल में 300 से ज्यादा बंदी हुए थे संक्रमित
झांसी। अगर कोरोना काल के शुरूआती दौर की बात करें तो जेल तक कोराना पहुंचा था। झांसी जेल में 230 बंदियों में संक्रमण मिला था जबकि ललितपुर में 107 पर पॉजिटिव पाए गए। उस वक्त जेल में बढ़ते कोरोना ने प्रशासन की बेचैनी बढ़ा दी थी। लिहाजा इस बार पहले से ही चौकसी बरती जा रही है। संक्रमण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
बहाल होगी टेलीफोन से बात करने की व्यवस्था
सीधी मुलाकात बंद होने के बाद जेल प्रशासन टेलीफोन से बात कराने की व्यवस्था फिर से बहाल कराने जा रहा है। अगस्त माह में मुलाकात आरंभ होने के बाद जेल प्रशासन ने टेलीफोन व्यवस्था खत्म कर दी थी। अब इसे फिर से बहाल किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कैदियों की परिजनों संग होने वाली मुलाकात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। टेलीफोन से बात कराने की व्यवस्था जल्द बहाल कर दी जाएगी।
जंग बहादुर पटेल
वरिष्ठ जेल अधीक्षक