झांसी। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते अब फिर से सरकारी अमला हरकत में आ गया है। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर जांच न होने का मामला अमर उजाला द्वारा उठाए जाने के बाद अब प्रशासन ने महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए रेलवे स्टेशन पर कोविड बूथ बनाने के आदेश दे दिए हैं।
कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल आया है। झांसी में पिछले आठ दिनों में 19 मामले सामने आ चुके हैं। अमर उजाला ने 13 मार्च के अपने अंक में ‘झांसी में बेरोकटोक घूम रहे हैं महाराष्ट्र से आने वाले यात्री, नहीं कर रहे नियम का पालन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण एक फिर से पैर पसारने लगा है। इससे डरे सहमे लोग वापस ट्रेनों से अपने-अपने घर लौट रहे हैं। मुंबई की तरफ से आने वालीं ट्रेनों में गाइडलाइन का पालन किए बिना यात्री झांसी स्टेशन पहुंच रहे हैं। इसके अलावा जांच भी नहीं हो रही है। ऐसे में कोरोना का खतरा लगातार झांसी में मंडराने लगा है। 15 मार्च को ‘कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, सात दिन में 16 संक्रमित मिले’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में भी बताया गया कि महाराष्ट्र समेत बाहर से आने वाले लोगों की रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी जांच नहीं हो रही है, ऐसे में खतरा बढ़ने की आशंका है। अब प्रशासन ने रेलवे स्टेशन पर कोविड-19 बूथ बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की जांच की जाएगी।
आज से सीएचसी पर हर दिन टीकाकरण
वर्तमान में जनपद के 13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 32 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कैंट जनरल हॉस्पिटल में सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को टीकाकरण किया जाता था। अब हर दिन इन स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड टीकाकरण किया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार से की जा रही है। डीएम आंद्रा वामसी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब जो लाभार्थी आएगा, उसका उसी समय टीकाकरण होगा। इसके लिए अलग से सत्र आयोजन की जरूरत नहीं है। यह नियमित तौर पर बाकी सब काम के साथ संचालित होगा। अभी तक जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल कॉलेज में सप्ताह में छह दिन टीकाकरण किया जा रहा था।
यह दस्तावेज जरूरी
पंजीकरण के लिए 60 साल से अधिक उम्र के नागरिकों को आधार कार्ड, वोटर आईडी या कोई भी फोटो आईडी लगाना अनिवार्य है। वहीं, 45 से 59 साल उम्र के गंभीर बीमारी से ग्रसित (कोमॉर्बिड) लोगों को पहचान पत्र के साथ-साथ डॉक्टर द्वारा लिखित पत्र भी लाना होगा।