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मेडिकल कॉलेज: इमरजेंसी आने वाले ज्यादातर मरीज हो रहे रेफर

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हालात बहुत ज्यादा खराब है। यह रेफर सेंटर बनकर रह गया है। पिछले छह दिनों में इमरजेंसी में 443 मरीज आए। इनमें से 148 ही वार्ड में शिफ्ट किए गए है। 295 के आसपास रोगियों रेफर या फिर डिस्चार्ज कराकर चले गए।
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झांसी ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में रोगी जालौन, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा समेत बुंदेलखंड से गंभीर मरीज रेफर करके झांसी मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं। यहां पर इमरजेंसी में आने वाले अधिकतर मरीजों को लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है। शुरूआती इलाज के बाद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। मगर मेडिकल कॉलेज में 18 से 24 फरवरी तक इमरजेंसी आने वाले मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो 33 फीसदी मरीजों को ही वार्ड में भर्ती किए गए। जबकि, 66 प्रतिशत रोगियों को डिस्चार्ज या फिर रेफर कर दिया गया। वहीं, मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का भी कहना है कि 50 प्रतिशत मरीजों को वार्ड में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में 17 फीसदी अधिक मरीज रेफर किए गए।
दिन में होता इलाज, रात में रेफर करने लगते
इमरजेंसी में दिन में तो मरीजों को ठीक इलाज होता है मगर रात में व्यवस्था राम भरोसे रहती है। सूत्रों ने बताया कि चिकित्सक रात में अधिकांश मरीजों को रेफर करना शुरू कर देते हैं। कंसल्टेंट के ड्यूटी पर न रहने से यहां पर अव्यवस्था हावी रहती है।
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प्राचार्य लगातार बैठक कर समीक्षा कर रहे हैं। चिकित्सक से लेकर स्टाफ तक का वेतन काटा गया है। स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। जल्द ही व्यवस्था पूरी तरह ठीक हो जाएगी। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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