झांसी। ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभाग के कुल दो दर्जन सचिव एक ही ब्लॉक में वर्षों से जमे हैं। इसी तरह कई सचिव ऐसे हैं जो एक ही ग्राम पंचायत में तीन साल से अधिक समय गुजार चुके। सेटिंग-गेटिंग में माहिर होने के चलते उनको यहां से हटाया नहीं जा सका, लेकिन अब उनके ऊपर तलवार लटक कई है।
झांसी में कुल 117 सचिव 496 ग्राम पंचायतों का काम संभालते हैं। अभी बबीना ब्लॉक में 12, बड़ागांव में 12, चिरगांव में 15, मोंठ में 15, गुरसराय में 16, बामौर में 16, मऊरानीपुर में 17 एवं बंगरा ब्लॉक में 15 सचिव तैनात किए गए हैं। ग्राम पंचायतों के काम में इन सचिवों का अहम रोल होता है। भुगतान संबंधी सारे कार्य इनके माध्यम से होते हैं। लाखों रुपये के भुगतान प्रधान एवं सचिव के डोंगल से ही होते हैं। ऐसे में कई जगहों में प्रधान के साथ सांठगांठ हो जाने से सचिव वर्षों तक ब्लॉक नहीं छोड़ना चाहते। बताया जा रहा करीब 23 सचिव ऐसे हैं, जो एक ही ब्लॉक में दस वर्ष से जमे हैं। इसी तरह 18 सचिव ऐसे पाए गए जो एक ग्राम पंचायत में तीन साल से अधिक समय गुजार चुके। अन्य सचिवों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। अब उन सचिवों की सूची तैयार हो रही जो एक ब्लॉक में छह वर्ष अथवा ग्राम पंचायत में तीन वर्ष बीता चुके। इन सभी सचिवों का इसी वर्ष तबादला होना है। सूची तैयार होने के बाद अब सचिवों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
नई ग्राम पंचायतें गठित हुई हैं। ऐसे में एक ही जगह जमे सचिवों का तबादला किया जाना आवश्यक है। 15 जुलाई तक यह तबादला प्रक्रिया निपटा ली जाएगी।
शैलेष कुमार, सीडीओ