पर्यूषण महापर्व में सुबह से शांतिधारा और पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। प्राचीन तीर्थ करगुवांजी में रविवार को शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रवीण कुमार जैन, आलोक जैन और राजीव जैन को मिला। इस मौके पर बुंदेलखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भगवान का अभिषेक कर गंधोदक सिर पर धारण करते हुए स्व-पर कल्याण की प्रार्थना की।
उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई
पंडित वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म हमें किसी को भी धोखा नहीं देने की सीख देता है। मन, वचन और काय से हमें एक रूप रहना चाहिए। कपट करने से व्यक्ति पाप का भागी बनता है। उत्तम आर्जव धर्म किसी के भी साथ कपट न करने की सीख देता है। इस अवसर पर उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन अलीगढ़, संकल्प जैन अलीगढ़, नवीन जैन दिल्ली, डॉ. पीके जैन, डॉ. संदीप जैन, डॉ. जिनेंद्र जैन, प्रदीप कुमार जैन, संजय जैन कर्नल मौजूद रहे।
सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन
दीनदयाल नगर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में आर्जव धर्म की पूजा और कल्याण मंदिर विधान का आयोजन किया गया। वहीं शाम को सामूहिक आरती, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इस मौके पर एमके जैन, पीसी जैन मौजूद रहे। नगरा स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सुबह भगवान महावीर की शांतिधारा और पूजन किया गया। इस मौके पर तिलक लगाओे प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमें अर्चना जैन प्रथम, गीता जैन द्वितीय, अंजली जैन तृतीय, सान्वी जैन और अविका जैन को पुरस्कृत किया गया। करगुवां स्थित चंद्रोदय तीर्थ पर युवाओं ने उत्तम आर्जव धर्म का पूजन किया गया। इस मौके पर सौरभ जैन सर्वज्ञ, सचिन जैन, विनोद जैन, अंकित जैन, अनूप जैन, दीपांक जैन, मयंक जैन, रवि जैन, शुभम जैन मौजूद रहे।