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सीपरी से स्थानांतरित होगा मालगोदाम, तैयारियां

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झांसी। सीपरी बाजार मालगोदाम को गढ़मऊ स्टेशन पर स्थानांतरित करने की फाइल रेलवे बोर्ड के पास पहुंच गई है। गढ़मऊ स्टेशन पर 20 करोड़ की लागत से नया मालगोदाम विकसित किया जाएगा। यहां आसपास आबादी नहीं है। जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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रेलवे मालगोदाम में चौबीस घंटे माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम होता है। यहां से अलग- अलग जगहों से सीमेंट, खाद, यूरिया, चावल, नमक की रैक आती हैं। यहां से गेहूं लोड होकर दूसरे राज्यों में जाता है। 2014 में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने के बाद से मालगोदाम आने- जाने वाले ट्रक सीपरी बाजार क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। जब भी ट्रक निकलते हैं तो कलारी तिराहे से लेकर मालगोदाम मोड़ तक जाम लग जाता है। मालगोदाम और कलारी तिराहे से रसबहार तिराहा तक उड़ने वाली धूल से रेलवे कालोनी में रहने वाले, सड़क से निकलने वाले और आसपास के दुकानदार बेहाल रहते हैं। प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। रेल प्रशासन ने इन समस्याओं को खत्म करने के लिए मालगोदाम को बिजौली स्टेशन पर स्थानांतरित करने की योजना तैयार की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से बिजौली में मालगोदाम बनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा था। इस वजह से रेल प्रशासन को बिजौली की जगह गढ़मऊ स्टेशन पर मालगोदाम बनाने का निर्णय लेना पड़ा। गढ़मऊ स्टेशन को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए आधा किलोमीटर की सड़क डाली जाएगी। नया मालगोदाम तैयार करने के लिए 20 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया है। इसकी फाइल रेलवे बोर्ड के पास पहुंच गई है। उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। नए साल में काम शुरू हो जाएगा।
गढ़मऊ स्टेशन पर मालगोदाम बनाने की फाइल रेलवे बोर्ड के पास पहुंच गई है। इस योजना को जल्द स्वीकृति मिल सके, इसके लिए बोर्ड के अफसरों के साथ लगातार संपर्क में हैं। गढ़मऊ में मालगोदाम बनाना हर दृष्टिकोण से ठीक पाया गया है। संदीप माथुर, डीआरएम।
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ट्रक स्टैंड बन गया है मालगोदाम
माल गोदाम की खाली पड़ी जमीन का व्यापारी भरपूर लाभ उठा रहे हैं। नियमानुसार, व्यापारी उसी हालत में मालगोदाम के अंदर अपना ट्रक ला सकते हैं, जब लोडिंग अनलोडिंग हो रही हो, लेकिन यहां लोडिंग अन लोडिंग न होने के बाद भी खाली ट्रक चौबीसों घंटे खड़े रहते हैं।
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