झांसी से सटे मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कोटरा गांव का जायजा लेने बुधवार को एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नाव से पहुंचे। इसी बीच उनकी नाव पर एक पेड़ गिर गया, जिससे गृहमंत्री बाढ़ के पानी से घिर गए।
भारी बारिश की वजह से सिंध नदी का जल स्तर खतरे के निशान पर आ गया है। इससे नदी के आसपास बसे कई गांवों में बाढ़ आ गई है। बुधवार को झांसी से सटे मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कोटरा गांव का जायजा लेने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा नाव से पहुंचे।
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इसी बीच उनकी नाव पर एक पेड़ गिर गया, जिससे गृहमंत्री बाढ़ के पानी से घिर गए। मुश्किल से उनके सुरक्षा कर्मी उन्हें पानी से निकालकर गांव के एक घर में ले गए। तकरीबन एक घंटे तक वे बाढ़ से घिरे रहे। सूचना मिलने पर एमपी प्रशासन अलर्ट हो गया। मौके पर पहुंचे रेस्क्यू टीम ने गृहमंत्री को एयरलिफ्ट कर बाढ़ से निकाला।
खतरे के निशान पर पहुंचा सिंध नदी का पानी, सड़क यातायात रोका, धीमी गति से निकाली जा रही हैं ट्रेन
आपको बता दें कि लगातार दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश की वजह से नदियां उफना गईं हैं। दतिया और डबरा के बीच से बहने वाली सिंध नदी का पानी खतरे के निशान पर पहुंच गया, जिससे नदी के ऊपर बने पुल का यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
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ग्वालियर, आगरा, मथुरा, दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को दतिया के पहले ही रोक दिया गया, जिससे बुधवार को दिन भर सड़क पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं, रेलवे ने रात में ढाई घंटे तक डाउन ट्रैक का यातायात पूरी तरह से बंद रखा गया है जिससे 25 सवारी व 12 मालगाड़ी लेट हो गईं। बाद में सिंध नदी पर बने रेलवे पुल को ट्रेनों के लिए खोला गया, लेकिन खतरे को देखते हुए पुल के ऊपर से 5 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनें गुजारी जा रहीं हैं।