झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पाक्सो अधिनियम सहित बलात्कार) नितेंद्र कुमार की अदालत ने हत्या का आरोप साबित होने पर युवक को आजीवन कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य न मिलने की वजह से आरोपी को दुष्कर्म के आरोप से मुक्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे के मुताबिक रवींद्र पुत्र जानकी निवासी वमेर पर नाबालिग संग दुष्कर्म करने बाद उसका गला घोंटकर हत्या के आरोप में रक्सा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना करने के बाद पुलिस ने 19 दिसंबर 2014 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान गवाह एवं अन्य साक्ष्यों से युवती को नाबालिग साबित नहीं किया जा सका। दुष्कर्म की भी पुष्टि नहीं हुई जबकि हत्या के आरोप की पुष्टि हो गई। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के मुताबिक कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302, धारा 354 व एवं 354 घ के तहत दोषी करार दिया। कोर्ट ने धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कठोर कारावास समेत बीस हजार रुपया के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतनी होगी। इसी तरह धारा 354 के तहत पांच वर्ष की कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।