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अफसरों के आफिसों पर 12 करोड़ की देनदारी... क्या कोई वसूली कर पाएगा इनसे

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झांसी। नगर निगम की खस्ता वित्तीय हालत के बावजूद कई अहम सरकारी विभाग करोड़ों का हाउसटैक्स दबाए बैठे हैं। इनमें राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश देने वाले अफसरों के महकमे भी शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 36 महकमे ऐसे चिह्नित हुए जिन पर भारी-भरकम हाउसटैक्स बकाया है। अब निगम प्रशासन इनको नए सिरे से नोटिस भेजने की तैयारी में है।
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सरकारी महकमों पर नगर निगम का कुल 11,47,69,540 रुपये बकाया हो चुका है। इनमें पिछले वर्षों का ही 7,66,14,396 रुपये बकाया है। सबसे अधिक शिक्षण संस्थान, कृषि एवं स्वास्थ्य महकमे पर बकाया है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय पर 81,877 रुपये, उपनिदेशक कृषि पर 1,84,181 रुपये, उपनिदेशक जलागम पर 2,13,400 रुपये बकाया है। हाउसटैक्स नियमित न चुकाने वालों में एसएसपी कार्यालय भी शामिल हैं। एसएसपी के नाम पर नवीन भवन एवं सिविल लाइंस में दो कार्यालय हैं लेकिन, पिछले कई वर्षों से इनका टैक्स जमा नहीं हुआ। नए भवन का बकाया 5,61,918 रुपये हो चुका है। जबकि सिविल लाइंस स्थित कार्यालय का टैक्स भी 60,540 रुपये हो चुका। पुलिस अधीक्षक (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) पर 7,90,965 रुपये बकाया है।
विकास भवन, जहां से नियमित राजस्व वसूली की समीक्षा होती है, उसका हाउसटैक्स भी पिछले काफी समय से जमा नहीं किया गया। इसका हाउसटैक्स बढ़कर 2,69,400 रुपये हो चुका। मंडलायुक्त कार्यालय और आवास का बकाया बढ़कर 4,66,916 रुपये हो चुका। वहीं, सीएमओ कार्यालय पर 9,64,800 जबकि आवास पर 1,45,920 बकाया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पर 31,72,484 रुपये बकाया है। एफसीआई कार्यालय पर भी 2,98,550 रुपये बकाया हो चुका है। अपर निदेशक, स्वास्थ्य पर 7,11,360 रुपये का टैक्स बकाया है। सेवायोजन अधिकारी पर 1,83,256 रुपये बकाया है। मुख्य अभियंता बेतवा भवन पर 2,81,988 रुपये का हाउसटैक्स बकाया है। इस संबंध में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि सभी बड़े बकाएदार विभागों की सूची तैयार की गई है। इनको नए सिरे से नोटिस भेजकर टैक्स जमा कराने को कहा जा रहा है।
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शिक्षण संस्थान भी नहीं चुका रहे टैक्स, करोड़ों के बकाएदार
झांसी। महानगर में स्थित कई शिक्षण संस्थान के संचालक भी हाउसटैक्स चुकाने में दिलचस्पी न लेने से करोड़ों रुपये बकाया हो चुका है। निदेशक बुंदेलखंड अभियंत्रिक एवं प्रोद्यौगिकी संस्थान पर 6.03 करोड़ बकाया हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पर 1,10,20,414 रुपये का बकाया हो चुका। इसी तरह बीएसए पर 9,95,610 रुपये, डीआईओएस पर 16,79,160 रुपये बकाया हो चुका है। राजकीय पॉलीटेक्निक पर 1,97,588 रुपये, प्रधानाचार्य महिला पॉलीटेक्निक पर 2,88,024 रुपये, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य विज्ञान विभाग पर 54,226 रुपये, प्रधानाचार्य आईटीआई पर 4,03,285 रुपये, निदेशक महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय पैरामेडिकल ट्रेनिंग कालेज 72,57,747 रुपये के बकाएदार हैं।
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