आरोपी एसएचओ तिलकधारी सरोज (इनसेट) और दो अन्य आरोपी गिरफ्तार
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प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाली थाने में किशोरी के साथ दुष्कर्म की यह घटना उस वक्त हुई जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का झांसी और ललितपुर में दौरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सात मई को झांसी में हैं जबकि आठ को ललितपुर में। इस घटना ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बेचैनी बढ़ा दी थी। लखनऊ से सख्त आदेश हुआ कि किसी भी हालत में एसओ को ढूंढ निकालो। सीएम के दौरे से पहले पहले एसओ पकड़ा जाना चाहिए। इतना ही नहीं पूरे मामले को कूल करने के लिए भी अफसर सियासी नेताओं को मनाने में लगे रहे।
दरअसल मंगलवार की दोपहर को करीब दो बजे पाली थाने में थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। थानाध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट होते ही इसकी जानकारी प्रशासन ने लखनऊ में आला अफसरों को दी। इससे हड़कंप मच गया। क्योंकि मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम जारी हो गया था लिहाजा शासन स्तर से पल पल की जानकारी ली जाती रही। एडीजी, डीआईजी के साथ ही झांसी के एसएसपी और ललितपुर के पुलिस कप्तान को निर्देश दिए गए कि तत्काल थानाध्यक्ष को गिरफ्तार किया जाए। बताया जाता है कि तिलकधारी सरोज प्रयागराज का रहने वाला है। लिहाजा आनन फानन में वहां के पुलिस अफसरों से संपर्क साधा गया।