अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। भोपाल निवासी बिल्डर के अपहरण के आरोपी सकरार थाना इलाके में हाईवे पर पीछा कर रही मप्र पुलिस की कार में टक्कर मारकर फरार हो गए। दरोगा की शिकायत पर सकरार थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने भोपाल के बिल्डर का अपहरण कर 30 लाख रुपये वसूले थे और अब 10 करोड़ रुपये की और मांग कर रहे थे।
भोपाल निवासी नितेश सिंह ठाकुर वहां रियल एस्टेट का कारोबार करते हैं। अक्तूबर में उनका अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने एक करोड़ रुपये मांगे थे। बाद में 30 लाख रुपये लेकर बिल्डर को छोड़ दिया था। भय के चलते पीड़ित ने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी थी। बाद में उससे 10 करोड़ रुपये की और मांग की जाने लगी, तब बिल्डर की पत्नी ने 17 नवंबर 2024 को भोपाल में केस दर्ज कराया था। उस समय से पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी हुई थी।
बदमाशों की जानकारी मिलने पर भोपाल के कमलानगर थाने के दरोगा शैलेंद्र सिंह और सिपाही बलराम रघुवंशी अपहरणकर्ताओं की तलाश में छतरपुर पहुंचे गए। लेकिन वहां से आरोपी संजय राजावत, ओम राजावत, पंकज परिहार और एक अन्य पुलिस को चमका देकर झांसी की ओर भाग निकले। पुलिस टीम भी उनके पीछे लग गई। भोपाल पुलिस ने सकरार थाने को सूचना दी। यहां के लोहारी टोल पर आरोपियों को पकड़ने के लिए सकरार पुलिस टोलकर्मियों के साथ मुस्तैद हो गई।
वहीं, एमपी पुलिस भी लगातार आरोपियों का पीछा कर रही थी। लोहारी टोल प्लाजा पर कार पहुंची तो एमपी पुलिस ने अपनी कार उनके पीछे खड़ी कर दी। इसके बाद पुलिस और टोल कर्मचारियों ने आरोपियों को रोका। तब वे भागने लगे। दरोगा ने रोका तो आरोपी ओम राजावत ने अपनी कार की रफ्तार बढ़ा दी और दरोगा की कार को टक्कर मारकर भाग गए। दरोगा ने पीछा किया तो उन्होंने कई बार दरोगा के वाहन में टक्कर मारी। इसके बाद वे कार लेकर भाग गए। घटना का मुकदमा एमपी पुलिस के दरोगा शैलेंद्र सिंह ने सरकार थाना में दर्ज कराया है।